खूनी संघर्ष के पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों के बीच काफी पहले से ही चल रही थी। नवंबर से अब तक चार बार दोनों पक्षों में फायरिंग की घटना हो चुकी थी लेकिन इससे पूर्व कभी आमने सामने की फायरिंग नहीं हुई। पुलिस ने भी दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए दोनों पक्षों के 29 लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंदी की कार्रवाई की। 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर सभी लोग पाबंद किए गए।
ग्रामीणों के मुताबिक रामरहीस और रामकिशोर के पक्षों के बीच खादर के जमीन को लेकर काफी विवाद था। दोनों पक्ष अपना अपना कब्जा रखने की फिराक में थे। दीपावली के बाद नवंबर माह से अब तक चार बार दोनों पक्षों में फायरिंग की घटना हो चुकी है। ग्रामीणों को दोनों पक्षों के बीच पनप रहे तनाव की जानकारी थी। ग्रामीणों ने इस मामले में दोनेा पक्षों के बीच सुलह समझौता कराने की कोशिश की। 15 दिन पहले समझौते के दौरान दोनों पक्ष के लोग किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाए। वहीं 29 नवंबर को रामरहीस के पक्ष ने थाना पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए रामकिशोर व उनके साथियों के बारे में जमीन कब्जाने आदि की जानकारी दी। थाना पुलिस ने इस मामले की कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 29 लोगों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई की। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने अंदेशे को देखते हुए प्रभावी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के पास जमीन का कोई न तो पट्टा है और न ही कोई स्वामित्व। यह सब गंगा खादर की जमीन है।