थाना सुन्नगढ़ी क्षेत्र में गंगा खादर की जमीन पर कब्जे के विवाद में शनिवार सुबह करीब आठ बजे गांव किसौल और किलौनी के दो पक्ष भिड़ गए। दोनों ओर से करीब सौ राउंड फायरिंग हुई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। दो की हालत गंभीर बनी हुई है। एक पक्ष के दो और दूसरे पक्ष के तीन लोगों की मौत हुई हैं। दोनों गांवों के लोगों ने करीब 300-300 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है।
बताया जा रहा है कि किलौनी के रामकिशोर और किसौल के रामरहीस के बीच खादर की जमीन पर कब्जे के लिए काफी समय से विवाद चला आ रहा है। विवादित जमीन पर रामरहीस के परिवार ने गेहूं की फसल बो रखी है। शनिवार को रामरहीस पक्ष फसल में पानी लगा रहा था। रामकिशोर अपने भाई, भतीजे के साथ वहां पहुंचा और फसल में पानी लगाने का विरोध किया। इस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई और फायरिंग होने लगी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर देशी बंदूक, रायफल और तमंचों से सौ राउंड से अधिक फायर किए। इसमें किलौनी निवासी राम किशोर (45), उसके भाई शिवराम (40), सुखवीर (35) और किसौल निवासी रामरहीस (40) की मौके पर ही मौत हो गई। किसौल के ही अमृतपाल उर्फ अमित (30) ने उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। इसी गांव के उदयवीर और भगवान सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। इन सभी को गोली लगी है।
करीब साढ़े दस बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। थाना प्रभारी, एसपी सहित जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। आईजी सुजीत पांडे एवं डीआईजी आरपीएस यादव ने भी मौके का निरीक्षण किया। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कब्जे के मामलों में कार्रवाई न होने से पुलिस-प्रशासन के प्रति ग्रामीणों में जबरदस्त रोष है।
विवादित जमीन गंगा खादर की है। इसका किसी को पट्टा नहीं है। दोनों गांवों के लोगों ने करीब 300-300 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है।
परवेज अहमद
एसडीएम, सहावर