जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश त्रिपाठी की अदालत ने नाबालिग के अपहरण के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा का भी प्रावधान किया गया है।
अनमोल पुत्र हरीकिशन दिवाकर निवासी गंगेश्वर कालोनी चार फरवरी 2011 को बाजार से सामान खरीदने के लिए गया। इसी बीच उसका अपहरण कर लिया गया। बालक के घर न लौटने पर परिवारीजनों ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी। अपहर्ताओं ने फोन के माध्यम से जब फिरोती की मांग की गई तो परिवारीजनों को उसके अपहरण की जानकारी हुई।
पुलिस ने इसके बाद मामला अपहरण की धाराओं में तरमीम कर लिया। फिरौती की मांग पर परिवारीजन रकम लेकर निर्धारित स्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने घेराबंदी करके अपहत अनमोल को मुक्त करा लिया। पुलिस ने मौके से मुशीर निवासी गंगेश्वर कॉलोनी, बाहिद निवासी नदरई एवं गजेंद्र निवासी नगला बरेला अलीगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मामले की चार्जशीट दाखिल कर दी। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों एवं गवाही आदि के आधार पर तीनों आरोपियों को अपहरण का दोषी पाया। जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश गोला ने मामले की पैरवी की।
न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एवं दस दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह छह माह के अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।