एटा। ब्लॉक व ग्राम पंचायत शीतलपुर में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधक केंद्र (आरआरसी) बनाया गया है, लेकिन गुणवत्ता की कमी के चलते इसके संचालित होने से पहले ही दीवार में दरार पड़ गई। अधिकारियों की नजर से बचाने के लिए इस पर लीपा-पोती कर दी गई है।
ग्राम पंचायत निधि से आरआरसी शासन के निर्देश पर बनाए गए हैं। ताकि ठोस कूड़ा कचरा का प्रबंधन सेंटर पर किया जा सके। इन केंद्रों पर केंचुआ से खाद बनाने के बाद किसानों को बिक्री करके आय बढ़ाई जा सकती है। लाखों रुपये केंचुआ गड्ढा और आरआरसी निर्माण में लगाए जा चुके हैं और रंगाई-पुताई का कार्य भी पूरा करके अधिकारियों को दिखा दिया गया, लेकिन सामने की मुख्य दीवार में ही नीचे से लेकर ऊपर तक बढ़ी दरार आ गई है।
इसकी वजह से कभी भी सेंटर क्षतिग्रस्त हो सकता है। प्रधान और सचिव ने मिलकर दीवार की लीपा-पोती करा दी। इससे पूर्व में लिखाए गए स्लोगन, पेंटिंग और स्वच्छता मिशन का नारा भी बेरंग हो गया। एडीओ पंचायत सतेंद्र कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। गुणवत्ता की कमी को भी देखा जाएगा। जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।