कलक्ट्रेट परिसर स्थित एडीएम कोर्ट में गुरुवार सुबह अहलमद का शव पंखे से लटका मिला तो अधिकारियों और कर्मचारी में हड़कंप मच गया। मुंह पर काली पट्टी बंधे शव को पुलिस परिवार और अफसरों के आने से पहले आनन-फानन में फंदे से उतार कर मोर्चरी ले भागी। नवागत डीएम शंभूनाथ और एसएसपी अजय शंकर राय ने मौके पर पहुच कर हालात का जायजा लिया और सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में मृतक द्धारा कोर्ट रुम खोलने और पीछे के दरवाजे से घुसने की पुष्टि हुई है, लेकिन फंदे पर लटकने को लेकर कोई फुटेज नहीं है। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जाताई है। पुलिस जांच कर रही है। कोर्ट में फंदे पर शव लटके होने की जानकारी तब हुई जब कर्मचारी ने कोर्ट रुम का दरवाजा खोला।
एडीएम कोर्ट के कर्मचारी धर्मेद्र ने गुरुवार सुबह नौ बजे जैसे ही कोर्ट का गेट खोला तो सामने पटियाली गेट निवासी बाबू भगवान सिंह वर्मा का (50) शव पंखे से लटका देख उसकी चीख निकल गई। धर्मेद्र की चीख सुन आसपास के कार्यालय खोल रहे अन्य कर्मचारी मौके पर पहुचे तो कोर्ट रुम का नजारा देख हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों और अफसरों के आने से पहले शव फंदे से उतार कर मोर्चरी भेज दिया। डीएम श्ांभूनाथ और एसएसपी अजय शंकर राय समेत आला अधिकारी मौके पर पहुचे और हालात का जायजा लिया। अफसरों ने कोर्ट रुम के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की आधा घंटे तक फुटेज खंगाली। फुटेज में बाबू भगवान सिंह को सुबह 8.26 बजे कोर्ट का मेन गेट खोलते और 8.29 बजे गेट बंद कर पिछले गेट से अंदर घुसते दिखाई देने के बाद कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद 9.26 बजे कर्मचरी धर्मेद्र को कोर्ट रुम खोलते देखा गया है। डीएम शंभूनाथ और एसएसपी अजय शंकर राय ने मामले को आत्महत्या बताकर नगर कोतवाली पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मृतक भगवान सिंह के परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताई है। समाचार लिखे जाने तक परिवार ने पुलिस को तहरीर नहीं दी थी।
कोर्ट रुम के हालात कर रहे हत्या की ओर इशारा
पीपल अड्डा निवासी बाबू भगवान के शव पर चोट के निशान, मुंह में टाइट बंधी काली पट्टी, शर्ट की कई टूटी बटने और सफेद रंग की नई रस्सी से फांसी का फंदा जैसे हालात हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। खास बात यह है कि मुंह में काली पट्टी, शव पर चोट के निशान और शर्ट की टूटी बटने मोचरी में पहुचने वाले सभी लोगों ने देखीं हैं।
मृतक घर में भी कर सकता था आत्महत्या
मृतक बाबू भगवान सिंह की पत्नी देवश्री कल मथुरा इलाज कराने गई थी और सबसे छोटी बेटी उर्मी मामा के घर जाने के कारण गुरुवार को घर में कोई नहीं होने के कारण ताला लगा था। ऐसे में सवाल उठता है कि भगवान सिंह ने यदि सुसाइड किया तो एडीएम कोर्ट रुम क्यों चुना और रोजाना 9.30 बजे डयूटी पर आने वाला भगवान सिंह वर्मा आखिर गुरुवार सुबह 8.30 बजे से पहले किसके बुलाने पर एडीएम कोर्ट आया था।
सीसीटवी फुटेज में न रस्सी और न ही काली पट्टी
एसएसपी अजय शंकार राय का कहना है कि मृतक भगवान सिंह ने जिस वक्त एडीएम कोर्ट का ताला खोला और दोबारा बंद करने के बाद पिछले दरवाजे से घुसने तक उसके हाथ में कुछ नहीं है। ऐसें सवाल उठाता है कि आखिर रस्सी और काली पट्टी मृतक भगवान सिंह के पास तक पहुची कैसे। एसएसपी का कहना है कि परिवारीजनों की तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच होगी।