उत्तर प्रदेश के एटा में अवागढ़ थाना पुलिस ने जुम्मा उर्फ जुम्मन खां निवासी लक्खी जंगल जिला फिरोजाबाद पर करीब 11 साल गिरोहबंद अधिनियम लगाया था। इसमें उसे गैंगलीडर बताया गया था। अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है।
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जुम्मन खां पर गोवध निवारण अधिनियम व लूट के मुकदमे पंजीकृत थे। इस आधार पर पुलिस ने जुम्मन व उसके आठ साथियों को गैंग के रूप में दर्ज किया। गैंग का लीडर जुम्मन को बताया गया। पुलिस के अनुसार ये सभी लोग भैंस चोरी, हत्या, हत्या का प्रयास आदि घटना को अंजाम देकर आर्थिक लाभ कमाते हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गैंग के द्वारा किए गए अपराधों की जानकारी दी गई।
जुम्मन ने इन सभी आरोपों को स्वीकार कर लिया। इसके आधार पर विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट उत्कर्ष यादव ने जुम्मन को दोषसिद्ध ठहराते हुए चार साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।