एटा। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 3200 मरीजों के पर्चे बने और खांसी-बुखार से पीड़ित 500 लोगों ने उपचार प्राप्त किया। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में अधिकांश लोग वायरल बुखार और खांसी की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के 20 मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं।
कभी बारिश तो कभी उमस भरी गर्मी के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उतार-चढ़ाव भरे इस मौसम में लोग खांसी-बुखार और अन्य मौसमी रोगों की गिरफ्त में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से लेकर निजी चिकित्सकों तक बुखार के मरीजों की भरमार है। किसी की प्लेटलेट्स कम आ रही हैं तो कोई मलेरिया की चपेट में आ रहा है। ऐसे मरीजोें को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मंगलवार को इस प्रकार के बुखार से पीड़ित 20 मरीज मेडिसिन वार्ड में भर्ती थे।
मंगलवार को सुबह 8 बजे मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुलने के बाद कुछ ही देर में पर्चा काउंटर से चिकित्सक के पास तक लंबी लाइन लग गई। यहां से दवा का पर्चा मिलते ही दवा के सभी काउंटरों पर लंबी-लंबी कतारें लगने लगीं। पूरे दिन में लगभग 3200 लोगों के पर्चे बने। मेडिसिन विभाग में 600 लोगों ने चिकित्सक को दिखाया। इसमें से 500 मरीज बुखार और खांसी से पाड़ित पाए गए। बुखार की वजह से मांसपेशियों का दर्द इनको परेशान कर रहा है। डॉ. प्रशांत गंगवार ने बताया कि अधिकांंश मरीज वायरल बुखार, दर्द, खांसी और गले में खराश के आए हैं।