एटा। पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके कारण आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। निगम की बस में यात्रा के दौरान अगर किसी यात्री को कोई समस्या होती है तो उसको राहत देने के लिए कोई साधन भी नहीं है। भीषण गर्मी के बावजूद अधिकांश बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट और ओआरएस की व्यवस्था नहीं की गई है।
वर्तमान में डिपो के बेड़े में निगम की 94 और अनुबंधित 86 बसें हैं। इन बसों में प्रतिदिन लगभग 10000 लोग सफर करते हैं। मंगलवार को पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। बसों में यात्रा करने वाले लोग खासे परेशान दिखाई दिए। यात्रियों का कहना है कि अधिकांश बसों में न तो प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स लगे हैं और न ही ओआरएस का इंतजाम है। ऐसे में अगर कोई यात्री रास्ते में बीमार पड़ जाता है या फिर डिहाइड्रेशन का शिकार होता है तो उसको संभालना मुश्किल हो जाएगा।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स से यात्री या अन्य लोग दवाई निकाल ले जाते हैं। प्राथमिक स्तर की दवाएं परिचालक को उपलब्ध करा दी जाती हैं। आवश्यकता पड़ने पर यात्री परिचालक से दवा ले सकते हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर ओआरएस का काउंटर बनाया गया है। यहां से लोग आवश्यकता के अनुसार पाउच ले सकते हैं।