टा। कोरोना संक्रमण काल में लाकडाउन के बावजूद व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकारी ऑफिस खोल दिए गए हैं। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को विकास भवन के दफ्तर खुले तो नजारा देखने लायक था, गेट पर तैनात कर्मचारी अधिकारी को देखते ही नमस्कार के चक्कर में उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करना ही भूल गया तो वासबेसिन पर रखा साबुन नदारद था। भवन तो न जाने कब से सैनिटाइज नहीं हुआ। ऐसे में एक भी कर्मी संक्रमित होकर औरों के संपर्क में आया फिर घर चला गया तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
सोमवार को सुबह ठीक दस बजे कार्यालय में इक्का-दुक्का कर्मचारी ही पहुंचे। यहां थर्मल स्क्रीनिंग के लिए गेट पर विकास भवन के ही कर्मचारी यतेंद्र बघेल की ड्यूटी थी। वह मुख्य गेट से आने वाले कर्मियों की तो थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे थे, जबकि अन्य गेटों से या मुख्य भवन के पीछे स्थित कार्यालय के कर्मचारियों की स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही थी।
अधिकारी को देख नतमस्तक
करीब साढ़े दस बजे जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी और उसके बाद जिला अर्थ एवं सांख्यकी अधिकारी रमेश चंद्र मेहरा पहुंचे। यहां कार्यरत कर्मचारी यतेंद्र बघेल ने उन्हें नमस्कार किया, इतने में अधिकारियों के कदम विकास भवन की ओर बढ़ गए। गेट के अंदर मीडियाकर्मियों द्वारा टोकने पर अधिकारी बाहर आए और थर्मल स्क्रीनिंग करवाई।
आरोग्य सेतु ऐप की परवाह नहीं
केंद्र और राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउन लोड करने के निर्देश दिए हैं, पर यहां इसका पालन नहीं हो रहा है। करीब चालीस फीसद कर्मचारियों ने अभी तक या तो ऐप डाउनलोड नहीं किया है या फिर वह सादा फोन उपयोग करते हैं, इसके चलते उनके सेलफोन में यह डाउनलोड ही नहीं है। गेट पर तैनात कर्मचारी यतेेंद्र बघेल ने बताया कि उन्हें ऐप चेक करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं है।
कृषि विभाग में सभी पर ऐप डाउनलोड
विकास भवन में स्थित कृषि विभाग के कर्मचारी इस मामले में पूरी तरह सजग हैं। जब उनसे इस बाबत जानकारी चाही तो सभी कर्मचारियों ने अपने-अपने सेलफोन में आरोग्य सेतु ऐप दिखाया।
इन्होंने नहीं किया ऐप डाउनलोड
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक हरमेंद्र, अनुज और अरविंद ने बताया कि उन्होंने अभी तक आरोग्य सेतु ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड नहीं किया है। पूछने पर वह झिझक तो गए पर क्यों नहीं किया इसका कोई जवाब उनके पास नहीं था।
- जिला पंचायत राज कार्यालय में तैनात हैं। सादा फोन उपयोग करते हैं, इसके चलते अपने फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड नहीं कर पाए हैं। - अरविंद, जिला पंचायत राज विभाग।
- सरकारी आफिसों में फरियादी नहीं आ रहे हैं। केवल कर्मचारी आ रहे हैं। इसलिए ज्यादा खतरा नहीं है। सामान्य फोन उपयोग करते हैं। - सुरेश बाबू, मत्स्य पालन विभाग
- सादा फोन उपयोग करते हैं, ऐसे में इसमें आरोग्य सेतु एप डाउनलोड नहीं हो पा रहा है, हालांकि हमारे पास भी एंड्रायड फोन होता तो कर लेते। - मो. शरीफ, सांसद-विधायक निधि।
फिर से निर्देशित किया जाएगा
सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के लिए, थर्मल स्क्रीनिंग सहित हाथों को सैनिटाइज करने के निर्देश हैं। सोमवार की सुबह आकर देखा तो वासबेसिन से साबुन गायब था। वहीं निर्देश के बाद भी कुछ कर्मचारियों ने ऐप डाउनलोड नहीं किया है। ऐसे कर्मचारियों को फिर निर्देशित किया जाएगा। आदेश के साथ-साथ कर्मचारियों को खुद भी जागरूक होना पड़ेगा। - मदन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी