एटा। आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटरों पर आयुष हर्बल वाटिकाएं तैयार की जाएंगी। यहां औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का रोपण किया जाएगा इसके बाद कोरोना मरीजों के लिए काढ़ा तैयार कर उनका उपचार किया जाएगा। शासन की ओर से हर्बल वाटिकाएं लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जलेसर सहित जिले के चार वेलनेस सेंटरों को चिह्नित किया गया है।
जिले में आयुर्वेद के 13 चिकित्सालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय जलेसर, करतला, पोंढरी और मुरसान पर केंद्र स्थित हैं। यहां एक-एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय और सफाईकर्मी तैनात हैं। इन केंद्रों को आयुष हर्बल वाटिकाएं बनाए जाने के लिए चिह्नित किया गया है। वाटिका में नीम, अश्वगंधा, आंवला, गिलोय, एलोवेरा, तुलसी और गुच्छ सहित 20 पौधे लगाए जाएंगे। औषधीय गुुुणों के पौधों के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कोरोना काल में आयुर्वेदिक औषधियों ने संजीवनी का कार्य किया था। इसको लेकर शासन की ओर से आयुष हर्बल वाटिकाएं लगाए जाने के निर्देश मिले हैं। यहां चार वेलनेस सेंटरों पर हर्बल वाटिकाएं लगाईं जानी हैं, इसकी तैयारी की जा रही है।