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पर्चा सरकारी अस्पताल का, रिपोर्ट नर्सिग होम से

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एटा। कोरोना की जांच में खेल होने लगा है। यहां नर्सिंग होम में कोरोना की जांच के दो हजार रुपये लिए जा रहे हैं। वहीं मरीज को सरकारी अस्पताल के पर्चे पर अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। मरीज की अलीगढ़ पहुंचने से पहले मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस पर मामले का खुलासा हुआ तो स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई।
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पिलुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव गोदवाला निवासी एक नेम सिंह को तीन माह पूर्व कुत्ते ने काट लिया था। शुक्रवार को उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे पहले पीएचसी और वहां से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी के गेट पर दलाल उसके पीछे लग गए और शहर के आगरा रोड स्थिति एक नर्सिंग होम ले गए।
आरोप है कि अवागढ़ पीएचसी पर तैनात रैपिड रिस्पोंस टीम के चिकित्सक द्वारा कोरोना की जांच के नाम पर उससे दो हजार रुपये ले लिए। वहीं पीएचसी के पर्चे पर निगेटिव लिखकर उन्होंने मरीज को अलीगढ़ रेफर कर दिया। परिजन उसे अलीगढ़ ले जा रहे थे। तभी रस्ते में उसकी मौत हो गई।
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परिजन शव को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। जहां पर्चा पकड़ में आ गया। यहां मृत युवक के भाई दीनदयाल ने बताया कि वह एक नर्सिंग होम में गया, जहां उसे यह पर्चा देकर रेफर किया गया और कोरोना की जांच भी नर्सिंग होम में हुई। वहीं, जांच के दो हजार रुपये लिए गए।
चिकित्सक रैपिड रिस्पोंस टीम में शामिल है। मामला उन्हीं के नर्सिंग होम का है। उन्होंने दूसरी मुहर बनवा ली है। पर्चा यहां से उठा ले गए हैं, जो पर्चा पर ओपीडी नंबर पड़ा है, वह कल का नहीं है।
डॉ. एसपी राठौर, अधीक्षक अवागढ़ पीएचसी
घर-घर जाकर कोरोना जांच की जिम्मेदारी मिली है। पर्चा पुराना है। वहीं पहले की मुहर लगी है। शुक्रवार को युवक की हालत खराब थी। आगरा रोड पर उसकी कोरोना की जांच की गई। उसे पीएचसी के पर्चे पर अलीगढ़ रेफर किया, जो रुपये लेने का आरोप हैं, वह गलत हैं।
डॉ. मनमोहन, रैपिड रिस्पोंस टीम
नर्सिंग होम से जिला अस्पताल के पर्चे पर रेफर करने के मामले की जानकारी मिली है। मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है कि चिकित्सक नर्सिंग होम भी चलाता है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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-डॉ. अरविंद गर्ग, सीएमओ
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