एटा। कोरोना वायरस को लेकर परिवहन निगम ने रोडवेज बसों की सेवा बंद कर दी है। इसके चलते रोडवेज बस स्टैंड सोमवार को सुनसान रहा। जबकि दिल्ली सहित अन्य जगहों पर जाने वाले यात्री वाहन के इंतजार में भटकते रहे।
प्रदेश में 15 जिले लॉकडाउन कर दिए गए हैं।
साथ ही परिवहन निगम ने 25 मार्च तक रोडवेज की बसों पर पाबंदी लगा दी है। जहां सोमवार को रोडवेज बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं डिपो के कर्मचारी आपस में बात करते नजर आए। इस दौरान पुलिस कर्मी भी बस स्टैंड पर मौजूद दिखे। वहीं दिल्ली, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, आगरा, मैनपुरी सहित अन्य कई जगहों पर जाने के लिए यात्री परेशान दिखे। संवाद
परिवार दिल्ली फंसा है, लेने जा रहा हूं
दिल्ली में रहकर व्यापार करता हूं। 20 मार्च को पूरे परिवार के साथ गांव कार्यक्रम में आए थे। परिवार के सभी सदस्य चले गए थे। मैं यहां रुक गया था। अब कोरोना वायरस को लेकर प्रकोप जारी है। दिल्ली में परिवार के फंसे होने के कारण परेशान हूं। परिवार को लेने जा रहा हूं, लेकिन यहां से कोई बस ही नहीं मिल रही है।
मनोज, नगला बावशाह निवासी
मां बीमार है, जाना अत्यंत जरूरी
मैं पत्नी के साथ इटावा में रहता हूं। वहीं नौकरी भी करता हूं। मां की तबियत काफी खराब है। इस कारण वह रामपुर जा रहे हैं। इटावा से ट्रक के माध्यम से यहां तक आ गए। अब आगे जाने के लिए कोई वाहन ही नहीं मिल रहा है।
-रंजीत, रामपुर निवासी
कन्नौज गए थे दीवार पेंटिंग का ठेका लेने
बस स्टैंड पर सोमवार को वाहन के इंतजार में खड़े गाजियाबाद निवासी मुस्तकीम ने बताया। चार दिन पूर्व वह कन्नौज गए थे। दीवार पेंटिंग का ठेका लेने, वहां उन्हें समय लग गया। कोरोना के चलते ठेका भी नहीं मिला। ट्रक से एटा आ गए, लेकिन यहां से गाजियाबाद जाने को कोई वाहन नहीं मिल रहा है। सुबह से वह वाहन के इंतजार में खड़े हैं।
मुस्तकीम, गाजियाबाद निवासी
नौकरी पर जाना है, बस नहीं है
सदर तहसील के गांव बहलोलपुर निवासी प्रमोद गाजियाबाद में एक कंपनी में नौकरी करते हैं। 15 मार्च को किसी कार्य के लिए घर आए थे। सोमवार को उन्हें गाजियाबाद जाना था, लेकिन बस ही नहीं मिली। इससे वह परेशान रहे। उन्हें डर सता रहा है कि मालिक कहीं निकाल न दे।
प्रमोद, बहलोलपुर, निवासी