कासगंज। जहां एक ओर देशभर में जनता कर्फ्यू था, वहीं सेहत के सिपाही पूरी तरह सजग दिखाई दिए। घर-परिवार से दूर रहकर सिर्फ फोन पर ही हालचाल जानते रहे। चिकित्सालय पहुंचने वाले मरीज और तीमारदार ऐसे चिकित्सक व कर्मियों को धन्यवाद कर रहे हैं।
चिकित्सालय में ही कर रहे हैं बसेरा
जिला चिकित्सालय में तैनात डॉ. धर्मेंद्र पौनिया मूल रूप से मथुरा के रहने वाले हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जब से अलर्ट हुआ है तब से वह चिकित्सालय में ही डेरा डाले हुए हैं। वैसे तो शनिवार से ओपीडी बंद हो गई है, लेकिन इमरजेंसी में तैनात रहकर रोगियों का उपचार कर रहे हैं।
बात करने की फुर्सत तक नहीं
जिले में तैनात डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश कुमार सिर्फ विभागीय व्यवस्थाएं ही नहीं देख रहे, बल्कि विभिन्न चिकित्सालयों में पहुंचकर लोगों को चिकित्सकीय परामर्श भी दे रहे हैं। मूलरूप से एटा शहर के रहने वाले डॉ. अविनाश का कहना है कि वह पिछले 8 दिनों से घर नहीं गए हैं। दो दिन पहले तक तो दिन में दो-तीन बार परिवार से फोन पर बात कर लेते थे, लेकिन शनिवार से इतनी व्यस्तता हो गई है कि फोन पर परिवार का हाल जानने की फुर्सत भी नहीं है।
स्वास्थ्य लाभ देना प्राथमिकता
फर्रुखाबाद की रहने वाली अंजली जिला चिकित्सालय में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात हैं। वैसे तो समय-समय पर चिकित्सालय से अवकाश लेकर घर पहुंच जाती हैं, लेकिन पिछले 15 दिनों से उन्हें अवकाश नहीं मिला है। कोरोना वायरस और संक्रामक रोगों को लेकर अलर्ट है। इसलिए उन्होंने जिला चिकित्सालय में मुस्तैद रहकर जन सामान्य को स्वास्थ्य लाभ देने को प्राथमिकता दी है।
दिन-रात दे रहे स्वास्थ्य सेवाएं
चिकित्साकर्मियों का अभाव है। इस बीच मेल स्टाफ नर्स के पद पर तैनात नोएडा के रहने वाले अंकुर बरूआ चिकित्सालय में दिन-रात सेवाएं दे रहे हैं। उनकी तैनाती जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में है। शनिवार से ओपीडी बंद होने के कारण इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। दिन के अलावा रात में भी दुर्घटनाओं एवं विभिन्न रोगों से ग्रसित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि परिजनों से सिर्फ फोन पर ही हाल जाना है।