एटा। गैंग बनाकर अपराध करने के मामले में अदालत ने दोषी को दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला मंगलवार को एडीजे-03 गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने सुनाया। पुलिस के अनुसार प्रभावी पैरवी और मॉनीटरिंग सेल की कार्रवाई के चलते दोषी को सजा दिलाई जा सकी।
जैथरा थाना क्षेत्र में 14 मई 2008 को पुलिस को सूचना मिली थी कि दोषी गिरोह बनाकर अपराध कर रहा है। इस संबंध में थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान ढकपुरा निवासी गप्पू उर्फ राकेश पुत्र कश्मीर सिंह को अभियुक्त बनाया गया। विवेचक ने साक्ष्य संकलन करते हुए विवेचना पूरी की और 19 नवंबर 2008 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोषी को सजा दिलाने के लिए पुलिस की मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने प्रभावी पैरवी की। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत चिह्नित इस मुकदमे की सुनवाई को प्राथमिकता से लिया गया। मंगलवार को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर गप्पू उर्फ राकेश निवासी ढकपुरा थाना जैथरा को दोषी मानते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।