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सड़कों से उड़ती धूल, एटा के बाशिंदों के लिए बनने लगी शूल

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जनपद में निर्माण कार्य में बाहनों का एक दृश्य- संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। आप शहर के अंदर हो या बाहर कहीं भी आपकों चैन की सांस नहीं मिलेगी। चारों तरफ धूल के गुबार उड़ते नजर आएंगे। लोग शुद्ध हवा में सांस भी नहीं ले पा रहे हैं। नतीजा लोग सांस, आंख में जलन, चर्म रोग, एलर्जी आदि से परेशान हैं।
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इसका मुख्य कारण अलीगढ़ से मैनपुरी तक बन रहा फोरलेन मार्ग, एटा में कासगंज रोड से मानपुर तक बाईपास का निर्माण और रेलवे विस्तारीकरण है। दरअसल इन सभी कामों के लिए पुलिया और ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इनके लिए मिट्टी, बजरी, गिट्टी आदि के रोजाना सैकड़ों ट्रक, डंफर आदि के माध्यम से जिले में आ रही है। निर्माण के दौरान इन मार्गों से गुजरते वाहनों जब चलते हैं तो बजरी और मिट्टी हवा में उड़ती हुई शहर तक आ पहुंचती है। इससे लोग समस्याओं का सामना कर कर रहे है।
जवाहर तापीय परियोजना
मलावन के पास जवाहर तापीय परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। परियोजना के लिए एटा से मलावन तक रेलवे ट्रैक भी डाला जा रहा है। जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है और इन दिनों पूरे भूमि का समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिससे काफी धूल उड़ रही है। आस-पास के लोगों का जीना मुश्किल भरा हो गया है।
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बाईपास निर्माण से कस्बे के लोग परेशान
शहर के बाईपास निर्माण से कस्बा पिलुआ, विरामपुर, मानपुर और मलावन के लोग धूल फांक रहे हैं। इससे लोगों को खाना-पीना भी ढंग से नहीं हो पा रहा है। धूल की परत आस-पास के पौधों और मकान पर छा गई है।
सीवर लाइन निर्माण बना जी का जंजाल
प्रत्येक मोहल्ले व गलियों में इन दिनों सीवर पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है, इससे लोगों को रास्ता निकलना तक मुश्किल हो गया है। खुदाई के दौरान उड़ रही धूल से लोगों को सांस लेना भी मुश्किल है। गांधी मार्केट में सीवर लाइन खुदाई के दौरान व्यापारियों का जीना मुश्किल है। दिन-रात धूल उड़ने से उनके काउंटर भी धूल से छा जाते हैं।
कंपनियां नहीं करातीं पानी का छिड़काव
हाईवे और बाईपास के निर्माण में जुुटी कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का नियम है कि जहां भी निर्माण कार्य कराया जाएगा वहां मिट्टी पर पानी का छिड़काव कराया जाए, जिससे मिट्टी न उड़े और लोग बीमार न पड़ें। निर्माणाधीन कंपनियां पानी का छिड़काव नहीं करा रही हैं।
सीवर लाइन खुदाई के बाद भी सड़क पर धूल उड़ती रहती है इससे दुकानों के अंदर सारे कपड़े किसक जाते हैं। यहां तक ग्राहक भी दुकान पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
दिनेश कुमार जैन, व्यापारी
सीवर लाइन खुदाई के बाद भी सड़क को ठीक नहीं कराया गया है इससे उड़ती धूल सीधे आंख और नाक में घुसती है।
- हमीन, व्यापारी
जीटी रोड पर बनेगा नरक
गांधी मार्केट में सीवर पाइप लाइन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। अगले सप्ताह से जीटी रोड और ठंडी सड़क पर पाइप लाइन डालने का काम शुरू किया जाएगा। इससे सबसे ज्यादा यातायात प्रभावित होगा। साथ ही लोगों को सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
तीसरे फेज का काम होगा शुरू
सीवर परियोजना में तीसरे चरण में जोन वन और जोन टू में काम होगा। इसमें 55.01 किमी लाइन डाली जाएगी। साथ ही 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस दौरान नगर के रेलवे रोड, शांतिनगर, ठंडी सड़क, कटरा मोहल्ला,शृंगार नगर, निधौली रोड पर काम शुरू किया जाएगा।
2020 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
सीवर लाइन का काम कार्यदायी संस्था को वर्ष 2020 तक पूरा करना है। इसके लिए शहर में 5.96 एमएलडी से ज्यादा क्षमता वाले चार इंटर कनेक्ट पपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही सबसे बड़े सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को भी पूरा कर लिया जाएगा।
पानी का छिड़काव कराएं
फोरलेन सड़क का निर्माण 31 जनवरी 2021 तक पूरा किया जाएगा। हालांकि दिसंबर 2020 तक काम को पूरा करने का हमारा लक्ष्य है। निर्माण एजेंसियों को निर्माण स्थल की मिट्टी पर पानी डालने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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पीपी सिंह, डीजीएम, एनएचएआई
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