लखनऊ जाने से रोकने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अनिल सोलंकी को नजरबंद किया गया। स्रोत
एटा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 17 फरवरी को लखनऊ में आयोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम के संबंध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।
सुबह से ही लखनऊ रवाना होने की तैयारी कर रहे पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों को प्रशासन ने एहतियातन नजरबंद कर दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अनिल सोलंकी ने जारी प्रेस नोट में कहा कि भाजपा सरकार के कुशासन, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार के नाम पर ठगा जा रहा है, किसान लागत और कर्ज के बोझ तले दबे हैं। वहीं महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार विफल रही है। कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। कांग्रेसजन सरकार की जनविरोधी नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगे।
सोलंकी ने आरोप लगाया कि लखनऊ जाकर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने वाले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशासन द्वारा घरों में नजरबंद किया जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा। कहा कि जनमानस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।