कसबे में दादा मियां की मजार पर शनिवार रात मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। युसूफ परवाज जयपुर, नाजिमा, रेशिमा, आसिमा मुरादाबाद की पार्टियों के बीच रोचक मुकाबला हुआ।
जलवाओं का है बाजार हसीनाओं की गली में, गोरी कैसी टांका टूटा, जरा घूंघट तो उठा, काम लेते हो तो शरारत से, ख्वाजा की दीवानी, छोड़ो-छोड़ो प्यार का चक्कर रुकसाना बनो, देखकर सबको आहें ना भरना, शोला हूं शबनम नहीं... सुनाया। तो तेरी छोटी सी दुकान उसमें नकली सब सामान, खुद को ना जला लेना, अभी रात बाकी है पानी ना मांगो सहित अन्य कव्वालियों को कलाकारों ने पेश किया। कार्यक्रम के दौरान कमेटी अध्यक्ष निजाम अहमद उर्फ बब्बन, अकील कुरैशी, फारून सभासद, रईस मामू, बबलू, बसीम सैफी, मुजीम साह, इसराइल, फरमान आदि मौजूद रहे।