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Etah News: दो दिन की बारिश से फिर बढ़ी अरिंद नदी के जलस्तर बढ़ने की चिंता

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सलीम खां
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एटा। लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने अरिंद नदी के किनारे बसे गांवों के किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। नदी का जलस्तर पिछले दस दिनों से लगातार बढ़ रहा है, जिससे निधौलीकलां क्षेत्र के सलेमपुर, लहरा, दस्तमपुर, मगरौली, सोरखा, चित्तरपुर, रूपसपुर, गोकलपुर, प्रतापपुर और संतीपुर सहित करीब 40 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पानी का बहाव इतना तेज है कि खेतों में चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। कई खेतों में तीन फीट तक पानी जमा हो चुका है, जिससे किसानों की लाखों रुपये की लागत और मेहनत पल भर में डूब गई है।
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सालों से झेल रहे दंश, नहीं चेत रहा प्रशासन
प्रभावित क्षेत्र के किसान अजय पाल सिंह, नाथूराम, शकुंतला, रमेश चंद्र, शिवम यादव और धर्मेंद्र ने सिंचाई विभाग व स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में नदी का पानी उनके घरों तक पहुंच जाता है। इससे न सिर्फ फसलें बर्बाद होती हैं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई ठप हो जाती है और लोगों का रोजगार छिन जाता है। ग्रामीणों का आक्रोश है कि पिछले पांच वर्षों से यह समस्या लगातार विकराल रूप ले रही है, लेकिन प्रशासन ने आज तक इसके स्थाई समाधान (जैसे पक्का तटबंध या नदी की सफाई) के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यदि बारिश का यह सिलसिला एक-दो दिन और जारी रहा, तो पानी खेतों से निकलकर रिहायशी बस्तियों को अपनी चपेट में ले लेगा।

दिनोंदिन बिगड़ रहे हैं हालात
अगर इसी तरह बारिश होती रही तो नदी का पानी खेतों के बाद गांव में भी घुस जाएगा। प्रशासन हर साल हालात बिगड़ने के बाद ही सक्रिय होता है। सिंचाई विभाग की कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है।
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सलीम खां, लहरा
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हमने जनप्रतिनिधियों को चुना, लेकिन संकट की इस घड़ी में कोई हाल जानने तक नहीं आया। सिंचाई विभाग ने भी सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई है। अब स्थायी समाधान की जरूरत है।
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सुधा, सोरखा

सलीम खां

सलीम खां

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