एटा। शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने येलो फास्फोरस (3 फीसदी पेस्ट) रोडेंटिसाइड की बिक्री, भंडारण व उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अत्यंत जहरीले इस रासायनिक पदार्थ में लहसुन जैसी तीखी गंध और चिपचिपाहट होती है। इसकी लीथल डोज मात्र 1 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम मानी जाती है जो मनुष्यों व जानवरों के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि येलो फास्फोरस के संपर्क या सेवन से सीवियर एक्यूट लिवर फेलियर, मल्टी ऑर्गन डैमेज जैसे गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इसका कोई एंटीडोज उपलब्ध नहीं है जिसके कारण इसके उपयोग को अत्यंत जोखिमपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन ने इस खतरनाक रसायन को रोडेंटिसाइड के रूप में प्रतिबंधित कर दिया है। शासनादेश जारी होने के बाद जिले में इसकी बिक्री, स्टॉकिंग व अनधिकृत उपयोग को पूरी तरह अवैध घोषित किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम 1961 व नियमावली 1971 के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को बाजारों और गोदामों में सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं जिससे अवैध बिक्री और भंडारण पर तत्काल रोक लगाई जा सके। उन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि खतरनाक येलो फास्फोरस के उपयोग से हर हाल में बचें और प्रतिबंधित उत्पाद की किसी भी बिक्री या स्टॉक की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं।