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सर्दी का प्रकोप बढ़ा, अलाव-हीटरों का लिया सहारा

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शहर में बड़ती सर्दी के दौरान कुछ इस तरह बच्चे को लेकर जाती दिखी महिला- संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। सर्दी का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मंगलवार को बादलों की ओट में छिपे सूर्यदेव ने झलक तो दिखाई, लेकिन असरदार नहीं रहे। सुबह चलीं सर्दी हवाएं भले ही दिन चढ़ने के साथ थम गईं पर गलन के कारण लोग दिन भर ठिठुरते रहे।
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पिछले दिनों पड़ी बारिश और ओलों के बाद से शीतलहर के प्रकोप ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। लोग मंगलवार को दिन भर अलाव के सहारे बैठे रहे। वहीं अफसरों के संपूर्ण समाधान दिवस में चले जाने के कारण कार्यालयों में कर्मचारी हीटरों के सहारे बैठे नजर आए।
राजा का रामपुर में शीत लहर के चलते जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है। चेयरमैन महावीर सिंह राठौर ने कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि कोई भी व्यक्ति ठंड के चलते खुले में न सोये। गोशाला में भी समय-समय पर कर्मचारी चेक करें, कोई गोवंश खुले में नहीं मिलना चाहिए, अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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अलीगज में दूसरे दिन भी सूर्य के दर्शन नहीं होने से लोग परेशान रहे। पालिका तथा तहसील प्रशासन जगह-जगह अलाव जलवा रहा है। वहीं सर्दी से बचने के लिए लोग आग का सहारा ले रहे हैं। गलियों और सड़कों पर पड़े कूड़े करकट को जलाकर लोग सर्दी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
स्कूलों में छात्र उपस्थिति हुई कम
बढ़ी ठंड के साथ विद्यालयों में छात्र उपस्थिति गिर गई है। बदले मौसम में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। आधे विद्यार्थी भी स्कूल नहीं पहुंच रहे। वहीं पहुंचने वाले ठंड ठिठुरते दिखाई दिए।
आठ डिग्री तक पहुंचे तापमान ने विद्यार्थियों के कदम रोक दिए हैं। स्कूल से लेकर कॉलेज तक में छात्र-छात्राओं की संख्या गिर गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी में बोर्ड प्रैक्टीकल एवं 18 फरवरी से प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं के बाद भी हाईस्कूल इंटर के छात्र-छात्राएं भी स्कूल नहीं पहुंच रहे। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन एवं प्रीबोर्ड परीक्षाओं का माहौल नहीं बन पा रहा।
छुट्टी तो दूर समय भी नहीं बदला
कई जिलों में दो दिनों का अवकाश किया है। वहीं अधिकांश जिलों में स्कूल लगने का समय नौ से बढ़ाकर दस कर दिया गया है। लेकिन स्थानीय प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं है। बच्चे अभिभावक एवं शिक्षक अन्य जिलों की भांति अवकाश या समय बदलने की मांग कर रहे हैं। शिक्षक नेता बच्चन लाल ने छात्रहित में स्कूलों के समय परिवर्तन की मांग की है।
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