उत्तर प्रदेशीय एमपीडब्ल्यू एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को एमपीडब्ल्यू
कर्मचारी छह माह से वेतन न मिलने पर भड़क गए। पहले कलक्ट्रेट पर एएसडीएम
संदीप गुप्ता को ज्ञापन सौंपा, बाद में सीएमओ आवास का घेराव कर धरने पर बैठ
गए। नारेबाजी कर जमकर हंगामा काटा। सूचना लगते ही एसडीएम, सीओ सिटी और
कोतवाली पुलिस पहुंच गई और जल्द वेतन दिलाने का आश्वासन देकर उन्हें शांत
किया।
एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों को स्थायी पद पर समायोजित करने और छह माह का
वेतन दिलाए जाने के लिए कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट से सीएमओ आवास तक जमकर
हंगामा काटा। एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी के अनुसार प्रदेश नेतृत्व के
आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपने के कर्मचारी सीएमओ का
घेराव करने उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन सीएमओ के बाहर न निकलने पर
उन्होंने आवास के गेट पर हंगामा करना शुरू कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।
हंगामा की सूचना पर एसडीएम अजीत कुमार सिंह, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह के
अलावा पुलिस मौके पर पहुंच गई, वहीं कर्मचारियों से वार्ता की और उनकी बात
सीएमओ से कराई। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष यादवेंद्र सिंह ने बताया कि
एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संविदा पर नियुक्त हुए थे, जिन्होंने छह माह काम
किया, लेकिन आज तक उन्हें वेतन नहीं मिला है। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष
है। उन्होंने बताया कि वेतन के बारे में सीएमओ ने आश्वासन दिया है कि जब
बजट आएगा, तब कर्मचारियों को वेतन दिलाया जाएगा।
इस मौके पर प्रतीक
पांडेय, अंखड प्रताप सिंह, आशीष कुमार सिंह, अखलेश यादव, मो. सलमान, चरन
सिंह, अमित कुमार, शिवम प्रताप, हरेंद्र, सत्यवीर सिंह, सतेंद्र यादव,
सुधीर कुमार, उपेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
यह हैं प्रमुख मांगें
- एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों को पिछले छह माह का वेतन दिया जाए।
- 31 मार्च को रोकी गई संविदा दोबारा से चालू की जाए।
- पीएमडब्ल्यू कर्मचारियों को एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाए।
- कर्मचारियों का स्थायी पदों पर समायोजन किया जाए।
एमपीडब्ल्यू
की पोस्ट ही खत्म हो गई है। कोर्ट में इनका मामला चल रहा है। कोर्ट का जो
भी फैसला होगा वह माना जाएगा। वेतन की जो बात है उसे दिखवाया जा रहा है।
-डा. आरसी पांडेय, सीएमओ