शहर के कचहरी रोड पर बारिश से बचने के लिए छाता लगाकर गुजरती छात्रा। संवाद
एटा/सकीट/अवागढ़। मौसम का मिजाज सोमवार को अचानक बदला। सुबह से ही बादल छाए रहे। वहीं दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी के बाद तापमान में कमी आई। लोगों को ठंडक का अहसास हुआ। देहात क्षेत्र में भी बारिश होने से किसानों को कटी पड़ी धान की फसल और गेहूं, सरसों आदि फसलों की बुवाई को लेकर चिंता हुई।
सोमवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब 2:30 बजे से बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसकी वजह से सड़कों पर वाहनों व पैदल राहगीरों की संख्या कम हो गई। लोग बारिश में भीगने से बचने के लिए आसपास की दुकानों पर खड़े हो गए। वहीं नवीन गल्ला मंडी में धान लेकर आए किसान अपने लोडर वाहन में धान को तिरपाल से ढंकते रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस था जो सोमवार को घटकर 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों की बढ़ी चिंता
सकीट। दोपहर बाद बारिश होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई। किसानों ने बताया कि खेतों में धान की फसल कहीं खड़ी है तो कहीं कटी पड़ी है। अगर तेज बारिश हो गई तो नुकसान हो सकता है। वहीं अगली फसलों की बुआई के लिए भी समस्या हो जाएगी। संवाद
फसल खराब होने का डर
जैथरा। ब्लॉक क्षेत्र के गांव अमृतपुर निवासी किसान किसनलाल वर्मा ने बताया कि खेतों में खड़ी बाजरा की फसल कटवा रहे हैं। यदि अधिक बारिश होती है तो कटी बाजरा की बालियों में दीमक लग जाने से खराब हो सकती है। गांव बीरबनी निवासी कांशीराम ने बताया कि खेतों में धान की फसल कटी पड़ी है। इसे नुकसान हो सकता है। गांव लहचोरा निवासी चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि हाल में ही आलू खेतों में गड़वाया है। अधिक वर्षा हुई तो बीज सड़कर खराब हो जाएगा। संवाद
मौसम में हुआ बदलाव
अवागढ़। मौसम में सोमवार को आए अचानक बदलाव से बच्चों और बुजुर्गों के गर्म कपड़े निकाल लिए गए। सर्दी से बचाव के लिए कई लोग गर्म कपड़े पहने दिखे। लोगों का कहना है कि बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को बहुत जल्दी समस्या होती है। ऐसे में बचाव करना जरूरी है। संवाद