एटा। जिला जेल में तैनात जेलर आराेपों में घिरे हुए हैं। युवती ने उनके आवास पर पहुंचकर हंगामा किया था। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए। जेल अधीक्षक ने नोटिस देकर उनका स्पष्टीकरण लिया है। इसके साथ वह अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। ऐसे में जेलर पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
एक युवती 10 फरवरी की शाम जेलर के आवास पर पहुंचकर युवती ने हंगामा काटा। कहा कि जिला कारागार में तैनात जेलर प्रदीप कश्यप की तैनाती आगरा में रही थी। उस समय वहां इन्होंने मुझे अपने साथ रखा। इसके बाद अन्य तैनाती स्थलों पर भी ये मुझे जबरन अपने साथ रखे रहे और मेरा यौन शोषण करते रहे। इस हंगामे के दो दिन बुधवार को युवती जेल अधीक्षक के पास पहुंची और प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या उन्हें बताई। जेलर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जेल अधीक्षक ने जेलर से स्पष्टीकरण लिया है। उधर, एक तहरीर जेलर की पत्नी ने युवती के खिलाफ कोतवाली नगर में दी है। घर में घुसकर धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। इस पर पुलिस जांच कर रही है।
एफआईआर न कराने से उठ रहा संदेह
अब तक युवती ने हंगामा तो खड़ा किया, लेकिन कार्रवाई के लिए पुलिस के पास तक नहीं पहुंची है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि यह विभागीय मामला नहीं है। इसमें पुलिस ही कार्रवाई कर सकती है। मामले में युवती की मंशा पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
युवती बोली, मुझे जान का खतरा, पीछे लगा दिए हैं शूटर
युवती ने बृहस्पतिवार को संवाद को बताया कि जेलर द्वारा उसके पीछे शूटर लगा दिए गए हैं। इसके चलते वह थाने और पुलिस अधिकारियों के पास नहीं जा पा रही है। मुझे जान का खतरा है, कभी भी कुछ भी हो सकता है।
वर्जन
आरोप और मामला पूरी तरह व्यक्तिगत है। महिला ने जो प्रार्थना पत्र दिया, उसके आधार पर जेलर से स्पष्टीकरण लिया गया है। रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। -अमित चौधरी, जेल अधीक्षक