विकास भवन कार्याल परिसर में बिना हेलमेट लागाए खड़ा वाइक सवार
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एटा। दोपहिया वाहनों पर विभागों की धमक और सिर पर बिना हेलमेट के तमाम विभागों के कर्मचारी यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। भले ही सरकारी कार्यालय में बिना हेलमेट के प्रवेश पर अनुमति न देने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जिले में अभी ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा। यहां तक कि इस तरह की मॉनीटरिंग तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
दुर्घटनाओं में मौत के लगातार हो रहे इजाफे को लेकर सरकार चिंतित है। ऐसे में सरकार ने पूर्व में नो हेलमेट नो फ्यूल जैसा अभियान चलाया। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल लेने पहुंच रहे लोगों को पंप स्वामियों द्वारा हिदायत दी जा रही थी। वहीं सरकारी व अर्धसरकारी विभागों में हेलमेट लगाने को लेकर आए आदेशों के बाद भी अधिकांश कर्मचारियों द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को संवाद की टीम की पड़ताल के दौरान विकास भवन, नगर पालिका, जिला पंचायत परिसर स्थित कार्यालयों में ज्यादातर कर्मचारी बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहनों से कार्यालय में प्रवेश करते दिखे। वाहन पर विभाग का नाम देखकर पुलिस भी रोकटोक करने से बचती नजर आ रही थी।
पार्किंग में नहीं देखरेख की व्यवस्था
बिना हेलमेट लगाकर आने वाले कर्मचारियों को वाहन पार्किंग में आसानी से पकड़ा जा सकता है लेकिन विकास भवन से लेकर अन्य विभागीय कार्यालय परिसरों में बनाई गई वाहन पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। कुछ स्थानों पर पीआरडी या होमगार्ड के जवान को वाहनों की निगरानी के लिए जरूर बैठा दिया गया है, लेकिन उनकी इतनी हिम्मत नहीं कि वह कर्मचारियों के खिलाफ कुछ बोल भी सकें।
सरकार ने अच्छी पहल की है, हम भी विकास भवन में सख्ती के साथ हेलमेट संबंधी नियम लागू करेंगे। अधिकारियों-कर्मचारियों को हिदायत दी जाएगी। कार सवारों को सीटबेल्ट तथा बाइक सवारों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जाएगा। अगर इसके अनुपालन में लापरवाही बरती जाती है, तो वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी। -नागेंद्र नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी