रोडवेज बस में घक्का लगाते कर्मचारी
- फोटो : ETAH
एटा। परिवहन निगम यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा करता है, लेकिन जिले में ठीक इसके उल्टा है। यहां बसों को पहले यात्रियों से धक्का दिलवाकर स्टार्ट कराया जाता है, उसके बाद ही सफर शुरू होता है। जिले में 30 बसें धक्के से स्टार्ट हो रहीं हैं। वहीं वर्कशॉप में बैटरी, सेल्फ व ऑल्टीनेटर महीनों से नहीं हैं।
जिले में 122 बसें डिपो के पास हैं। उनमें से 30 बसें धक्के से स्टार्ट हो रही हैं। आलम यह है कि बस में यात्रियों के बैठने के बाद कुछ लोगों से चालक-परिचालक धक्का लगाने का निवेदन करते हैं। इसके बाद बस अपने गंतव्य को रवाना होती है। वहीं कुछ बसें जर्जर हालत में वर्कशॉप में संसाधनों के अभाव में खड़ी हैं। सूत्रों की मानें तो बसों को ठीक करने के लिए कई उपकरण वर्कशॉप में नहीं हैं। जिससे बसों को ठीक किया जा सके।