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चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर ध्यान नहीं देते चालक

Fri, 08 Jul 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
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ब्लैक स्पॉट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। वाहन चालक न अपनी जान को लेकर चिंतित है और न दूसरों की। दुर्घटना के लिए चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट पर भी वाहन चालकों की लापरवाही का यही आलम रहता है। ट्रैफिक पुलिस भी कभी स्पीड को लेकर वाहनों के चालान नहीं काटती। पुलिस के पास स्पीड चेक करने को कोई उपकरण भी नहीं। 
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लगातार सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। पिछले वर्ष 135 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई, जबकि 191 लोग घायल हुए थे, लेकिन वर्तमान वर्ष में अब तक 67 मौतें हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो चुके है। कासगंज-बरेली रोड पर ही आधा दर्जन ब्लैक स्पॉट मामो, गोरहा, प्रहलादपुर, नगरिया, गोलाकुंआ, सोरों चौराहा आदि क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। यहां आए दिन दुर्घटनाओं का सिलसिला चल रहा है। इसके अलावा नगरीय इलाके में आवास विकास मोड़, एलआईसी कार्यालय, अशोक नगर तिराहा, चांमुडा गेट, मालगोदाम चौराहा, मिशन चौराहा जैसे संवेदनशील इलाके है। वहीं बरेली मथुरा रोड पर बांकनेर, नदरई, हजारा नहर मोड़, अथैया चौराहा, पथरेकी के इलाके दुर्घटनाओं के लिए बेहद संवेदनशील है। इसके अतिरिक्त जिले में कादरगंज रोड, राम छितौनी की पुलिया, गंजडुडवारा-एटा रोड, अमांपुर-एटा रोड, सहावर-गंजडुडवारा रोड दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील है। यहां तक कि रेलवे फाटकों, और रेलवे क्रासिंग पर भी वाहन चालक लापरवाही करते है। चांडी रेल फाटक, अडुडपुरा रेल फाटक पर बड़ी दुर्घटनाएं हुई है। वर्ष 2011 में अडुडुपुरा में बारातियों से भरी बस रेल से टकरा गई थी, जिसमें 40 लोग मौत का शिकार हो गए। 


जिले की दुर्घटनाओं का आंकड़ा
वर्ष                    मृतक           घायल
2011                 165        225
2012                     96        169
2013                  106        165
2014                76        166
2015                135        191    
2016 जुलाई अब तक     67        203

संवेदनशील इलाकों में नहीं लगाई कैट आईज
कासगंज(ब्यूरो)। रात्रि के समय में एवं कोहरे की धुंध के समय वाहन चालकों के लिए सड़क पर लगी कैट आईज वाहन चालकों के लिए सहारा बनती है, लेकिन इस मार्ग पर कैट आईज बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलती है, जबकि कासगंज से कछला एवं कासगंज से सिकंदराराऊ तक, एवं कासगंज से एटा, कासगंज से अतरौली मार्ग पर कैट आईज नहीं लगाई गई है, जबकि इन स्थानों पर इनका लगाया जाना बेहद जरूरी है। 
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जिले में दुर्घटना के लिए संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है। ओवर स्पीड को मापने के लिए शीघ्र ही स्पीड रडार की व्यवस्था की जाएगी, जिससे वाहनों की गति को मापा जा सके और तीव्र गति से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। नाबालिग बालकों को अभिभावक वाहन न चलाने दें। वाहन चलाते समय मोबाइल, ईअर फोन का प्रयोग न करे। 
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                                                                 - सुनील कुमार, एसपी
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