एटा के ब्लॉक शीतलपुर के गांव नगला पवल में विधवा महिला ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर कीटनाशक खाकर जान दे दी। तो पहले से परेशान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 6 बच्चों में सबसे बड़ी छाया का रो-रोकर गला बैठ गया, आवाज नहीं निकल रही है। बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी गांव में पहुंचे और छाया के कंधे पर हाथ रखकर...आज से हम तुम्हारे माता-पिता हैं। यह सुनते ही छाया के आंसू बह निकले और वह फफककर रो पड़ी।
सुमन की मौत के बाद उनके छह बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनकी दादी रामबेटी बीमार रहती हैं, जिसके चलते उनको सहारे की आवश्यकता है। पुत्र और पुत्रवधू की मौत के बाद वह बुरी तरह से टूट गईं हैं। वहीं सुमन की सबसे बड़ी बेटी छाया का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। उसको देखकर छोटी तीन बहनें और दो भाई भी रोने लगते हैं।
बृहस्पतिवार को सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्र गांव नगला पवल पहुंचे। उनके साथ एसडीएम जगमोहन गुप्ता, बीडीओ प्रभुदयाल सहित जिले के तमाम अधिकारी साथ थे। इनके पहुंचते ही घर में मौजूद लोग रोने लगे। हालत देखकर सीडीओ ने छाया सहित सभी बच्चों को पास बुलाया इनको कंबल और अन्य वस्त्र देते हुए ढांढस बंधाया।
सीडीओ ने छाया के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा कि परेशान न हो बेटी आज से हम तुम्हारे माता-पिता हैं। यह सुनते ही छाया के आंसू छलकने लगे। जब उन्होंने व्यक्तिगत रूप से हर माह मदद की बात करते हुए 2000 रुपये दिए तो वह फफक-फफक कर रोने लगी। यह देखकर सीडीओ भी भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।
सीडीओ ने कहा कि हर माह हमारी ओर से तुमको 2000 रुपये मिलेंगे। हम चाहते हैं कि तुम पढ़-लिखकर अपनी मंजिल तक पहुंचो। जिस प्रकार से तुम्हारे पिता की मौत बीमारी से हुई है उसको ध्यान में रखते हुए एक अच्छी चिकित्सक बनो ताकि आगे किसी की जान इस प्रकार न जाने पाए। सभी बच्चों को खूब पढ़ने की सलाह दी।