बुजुर्ग महिला सुबह चाय पीने के बाद पड़ोस में चली गईं। अन्य महिलाओं से खड़े होकर बात कर रहीं थीं। तभी वह अचानक से गिर पड़ीं। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एटा में दो दिन से दिन में तेज धूप निकल रही है, लेकिन रात के समय तापमान कम होने से सर्दी हो जाती है। सर्दी में लोगों को हृदयाघात भी पड़ रहा है। मंगलवार की सुबह एक बुजुर्ग महिला बात करते-करते गिर गई और बेहोश हो गई। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आए। यहां चिकित्सक ने उसे मृत बता दिया। चिकित्सक का मानना है कि मृतका को साइलेंट हृदयाघात पड़ा था। वहीं, मारहरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व प्रधान की जान हृदयाघात से चली गई।
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गांव एका निवासी होशियार सिंह ने बताया 60 वर्षीय मां मंगलवार की सुबह चाय पीने के बाद पड़ोस में चली गईं। अन्य महिलाओं से खड़े होकर बात कर रहीं थीं। करीब 10 मिनट में ही वह अचानक से गिर पड़ीं। अन्य महिलाओं ने उन्हें उठाया देखा कि वह बेहोश हो गईं थीं।
जानकारी पर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर आ गए और मां को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। यहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। इमरजेंसी प्रभारी डॉ. माधवेंद्र प्रताप ने बताया कि यह साइलेंट हृदयाघात का मामला प्रतीत होता है।
उन्होंने बताया कि व्यक्ति को बीपी की समस्या होती है, लेकिन व्यक्ति उसको नजरअंदाज करता है। यह उसके लिए घातक होता है। व्यक्ति का बीपी जब हाई हो जाता है ऐसे में वह अचानक से गिर जाता है। उसे हृदय का दौरा भी पड़ सकता है या फिर ब्रेन हेमरेज होता है।
45 वर्ष से ऊपर के प्रत्येक व्यक्ति को बीपी की जांच समय-समय पर कराते रहना चाहिए। वहीं मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे में आठ सांस के रोगी पहुंचे। उसमें से पांच मरीजों का ऑक्सीजन लेवल कम था। ऐसे में उन्हें ऑक्सीजन लगाई गई।
दूसरी, घटना में मारहरा थाना क्षेत्र के गांव रसीदपुर माफी निवासी उमेश शर्मा (65 वर्ष) को सोमवार शाम घबराहट हो रही थी। वह कस्बे के एक चिकित्सक को दिखाने आए। लौटकर आ रहे थे, तभी गिर गए। पुत्र रजनीश के मुताबिक उन्हें हृदयाघात हुआ था। वह वर्तमान में भाजपा के बूथ अध्यक्ष थे और पूर्व में उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत के प्रधान पद का दायित्व भी निभाया है।
प्रतिदिन 300 की हो रही रही जांच
इन दिनों मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 300 के लगभग बीपी की जांच कराने के लिए लोग पहुंच रहे है। इसमें से बड़ी संख्या में वह मरीज रहते हैं, जिनको बीपी हाई की समस्या रहती है।