एटा। ब्लॉक शीतलपुर के गांव नगला पवल में आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक महिला ने कीटनाशक खाकर जान दे दी। घर में मृतका की सास रामबेटी और 6 बच्चे रह गए हैं। हालत इतनी खराब है कि बच्चे जमीन पर पुआल डालकर सोते हैं।
घर में सुमन सहित कुल 8 लोग थे, मौत के बाद 7 लोग रह गए हैं। सोने के लिए एक चारपाई और एक लकड़ी का तख्त है, जबकि सोने वाले 7 लोग हैं। सुमन की बड़ी बेटी छाया ने बताया कि दादी अक्सर बीमार रहती हैं, जिसकी वजह से उनको तखत दे दिया है। वह उसी पर लेटती हैं। मां और छोटा वाला भाई चारपाई पर सोते थे। हम सभी लोग जमीन पर पुआल डालकर सोते हैं। मां की मौत के बाद घर में मातम का माहौल है, रिश्तेदारों और गांव के लोगों का आना-जाना है। एक ही चारपाई है तो काफी दिक्कत हो रही है।
ऐसे में कमरे के अंदर धान का पुआल (पराली) डाल ली है और उसके ऊपर चादर बिछाकर सोते हैं। छोटे भाई-बहन मां को याद कर रो पड़ते हैं। सबसे छोटे भाई विवेक को नहीं पता कि मां कहां गई है। छाया ने रुंधे गले से बताया कि हम सभी भाई-बहन एक साथ इसी पुआल पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। मां की मौत के बाद यहीं बैठकर रोते रहते हैं। हमें आगे की राह बड़ी कठिन दिखाई दे रही है। लेकिन, छोटी बहनों और भाइयों को देखकर आगे बढ़ने की हिम्मत जुटा रही हूं। मेहनत करके खूब पढ़ेंगे और सभी भाई-बहनों को पढ़ाएंगे।