एटा। मौसम में बदलाव का सबसे अधिक असर बच्चाें पर पड़ रहा है। इस मौसम में बच्चों को वायरल बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भीड़ लग रही है। इस मौसम में लोगों को बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्वाधिक असर बच्चाें पर पड़ रहा है बच्चे वायरल बुखार से ग्रसित हो रहे हैं। मंगलवार को 35 बच्चे वायरल बुखार से ग्रसित कॉलेज की ओपीडी में पहुंचे।
जिले का मौसम बदल रहा है। दिन में मौसम गर्म और रात में ठंडा हो रहा है। इसका असर वैसे तो सभी उम्र के लोगों पर पड़ रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा दस साल तक के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। बदलते मौसम की वजह से बच्चाें में वायरल बुखार के अलावा जुकाम व खांसी हो रही है। इस तरह के मरीजों की मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भीड़ लगी है। चिकित्सकों का कहना है कि बड़ों के मुकाबले बच्चों पर मौसम बदलने का असर ज्यादा पड़ता है। बच्चों को बुखार व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एबी सिंह ने बताया कि बच्चों में सबसे ज्यादा वायरल बुखार चल रहा है। इसके अलावा जुकाम व खांसी के मरीज आ रहे हैं। कुछ बच्चे पेट में संक्रमण के भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया ओपीडी में प्रतिदिन 140 से 150 बच्चे पहुंच रहे हैं। इन सबसे बचने के लिए लोगों को बच्चों को खानपान और मौसम के अनुसार कपड़े पहनाने की जरूरत है।
इस तरह करें बचाव
- ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन न करें। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- फ्रिज में रखी चीजों को तुरंत न खाएं, उन्हें कम से कम आधा घंटा बाहर रखें।
- बच्चों को स्वेटर व गर्म कपड़े पहनाएं।
- ठंडे पानी से बच्चों को न नहलाएं।