एटा। मेडिकल कॉलेज में डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उमस और गर्मी के चलते लोग डायरिया, उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डायरिया से पीड़ित बच्चे प्रतिदिन 100 के लगभग पहुंच रहे हैं वहीं बुजुर्ग 40 से 50 के बीच में आ रहे हैं।
भीषण गर्मी और उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड रहा है। मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले डायरिया के मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। जहां पीड़ितों को स्वास्थ्य लाभ तो मिल रहा है लेकिन गर्मी की वजह से इलाज लंबा चल रहा है। कई दिनों तक भर्ती करके इलाज देना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजीडेंट एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में अत्यधिक गर्मी और उमस की वजह से लोग डायरिया का शिकार हो रहे हैं।
इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। बुजुर्ग भी काफी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया होने पर बच्चों का गंभीरता से ख्याल रखना जरूरी है। हर दस्त के बाद ओआरएस और 14 दिनों तक बच्चे की उम्र के हिसाब से चिकित्सक की सलाह पर जिंक टेबलेट देनी चाहिए। इससे बच्चा गंभीर स्थिति में आने से बचाया जा सकता है। बताया ओपीडी में हर रोज 100 से अधिक बीमार बच्चे आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर डायरिया और सर्दी, बुखार से पीड़ित होते हैं।