सांस रोगियों को परामर्श देते चिकित्सक।
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एटा में मौसम में बदलाव हो रहा है, यह सांस रोगियों के लिए घातक है। लापरवाही पर सांस के रोगियों को दिक्कत बढ़ रही है। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सांस के रोगी पहुंच रहे हैं। बुधवार को सांस फूलने और घबराहट होने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं, इमरजेंसी में सांस के छह मरीज पहुंचे। इसमें से गंभीर हालत में एक मरीज को रेफर किया गया।
गांव दतेई निवासी राजा ने बताया उसकी 60 वर्षीय मां पाना देवी सांस की समस्या से परेशान रहती थीं। तीन दिनों से उनकी सांस ज्यादा फूलने लगी थी। बुधवार की सुबह घबराहट हुई इसके बाद हालत और बिगड़ने लगी। उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए।
यहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। चेस्ट विभाग में मरीजों को देख रहे डॉ. संतोष ने बताया कि सांस के रोगी ओपीडी में अधिक आ रहे हैं। एक तो मौसम बदल रहा है। दूसरा प्रदूषण के साथ सड़कों पर उड़ती धूल मरीजों को परेशान कर रही है। बताया कि प्रतिदिन सांस के 60 से 70 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
- सुबह-शाम टहलने जाएं तो गर्म कपड़ों का प्रयोग करें।
- ठंडे खाद्य-पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- मास्क लगाकर घर से बाहर निकलें।
- अगर सांस संबंधी समस्या आ रही है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाकर दवा लें।