जिले भर में गुरुवार को 116 स्थानों पर ईद की नमाज शांति पूर्वक हुई। हजारों नमाजियों ने विभिन्न ईदगाहों पर नमाज अदा की। ईद की नमाज में अमन और भाईचारे के लिए दुआ की। नमाज के दौरान प्रशासन सतर्क रहा।
ईद पर्व के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया। लोग नमाज के निर्धारित समय से पहले ही नए परिधान पहन कर नमाज स्थलों पर पहुंचना शुरू हो गए। नमाज के लिए जाने वालों में काफी संख्या में बच्चे भी शामिल रहे। ईद की नमाज को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आया। पुरानी ईदगाह, नई ईदगाह, जामा मस्जिद, आजाद गांधी, सराय पर नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी। नदरई, बिलराम, भामौ, ढोलना, मुबारिकपुर माफी सहित अन्य इलाकों में भी मुस्लिम लोगों ने नमाज अदा की। गंजडुंडवारा, सहावर, पटियाली, गनेशपुर, भरगैन, अमांपुर, गढ़का, सिढ़पुरा, मोहनपुर इलाकों सहित 116 स्थलों पर ईद की नमाज अदा की गई। ईद की नमाज संपन्न होते ही लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। जिलाधिकारी के विजयेद्र पांडियन, एसपी सुनील कुमार सिंह, तहसीलदार एनराम सहित अन्य अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्व विभाग, खुपिया विभाग के कर्मी भी पूरी नजर बनाए रहे।
रेलवे क्रासिंग पर रोक दिए वाहन
कासगंज। ईद की नमाज के दौरान कासगंज छर्रा व कासगंज गंगीरी मार्ग की बसों का संचालन बंद कर दिया गया। इन क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। छर्रा अड्डा पुरानी बरेली मार्ग रेलवे क्रासिंग पर ही वाहनों को रोक दिया गया। यहीं से होकर काफी देर तक बसों का संचालन किया। जिससे छर्रा, अलीगढ़ आदि स्थानों के लिए बसों को संचालन हुआ। बिलराम गेट चौराहे से भी बड़े वाहनों का प्रवेश छर्रा मार्ग पर नहीं होने दिया गया। जिससे यात्रियों को काफी दूर तक पैदल चलकर जाना पड़ा।
बुजुर्गों को किया याद
कासगंज। नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोग कब्रिस्तानों पर पहुंचे। जहां अपने बुजुर्गों की मजार पर अगरबत्ती जलाकर उन्हें याद किया।
फकीरों को बांटी जकात
कासगंज। ईद के मौके पर फकीरों व गरीबों को जकात बांटी गई। ईदगाह मार्ग पर बड़ी संख्या में फकीर व गरीब बैठे थे। जिनको मुस्लिम लोग धन, अन्न का वितरण कर रहे थे।
गुलजार नजर आईं मुस्लिम बस्तियां
कासगंज। ईद पर्व पर मुस्लिम बस्तियों में काफी उत्साह देखा गया। बस्तियां गुलजार नजर आई। नए परिधानों में सजे धजे बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बस्तियों और मस्जिदों के आसपास मेले का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चे मस्ती करते देखे गए।
ईद की नमाज अदा हो जाने के बाद ही बस्तियां गुलजार हो गई। ठंडी सड़क, जामा मस्जिद सहित अन्य बस्तियों में मेले जैसा नजारा रहा। झूला, चरख सहित चाट पकोड़ों के स्टालों को सजाया गया। बच्चों ने झूला झूलकर जमकर मस्ती की। बच्चों ने चाट पकोड़े का भी जमकर लुत्फ लिया। युवाओं ने अपने घरों पर दावतों का आयोजन किया। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। स्वागत सत्कार के लिए तरह तरह के पकवान बनाए गए। सेवईयां लोगों की खास पसंद रही। किशोर एवं युवा बंदूक से निशाना लगाकर गुब्बारे फोड़कर मनोरंजन करते नजर आए।
नजर आई सद्भावना की मिसाल
कासगंज। ईद पर आपसी सद्भावना की मिसाल भी नजर आई। ईद पर मुस्लिम समाज के लोगों ने दावतों का आयोजन किया था। इन दावतों में उन्होंने अपने परिचित हिंदू समाज के लोगों को भी आमंत्रित किया । हिंदू समाज के लोगों ने इन दावतों में उत्साह के साथ इनमें सहभागिता की। गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी गई।