चांद का दीदार होते ही रमजान माह आगाज हो गया है। पहले नमाज-ए-तरावीह के लिए शहर से लेकर गांव की मस्जिदें तैयार हैं। मस्जिदों और घरों में रंगाई-पुताई का काम पूरा होने के बाद बाजारों में जमकर खरीदारी हो रही है।
चांद का दीदार होते ही शनिवार शाम से मुस्लिम समाज में उत्साह छा गया। बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पूर्व शुक्रवार को मगरिब की नमाज के बाद अकीदतमंदों की नजरें दीदार-ए-चांद पर टिकी रहीं, लेकिन दीदार-ए-चांद नहीं होने पर अकीदतमंद मायूस हो गए। शनिवार शाम नमाज-ए-तरावीह सभी मस्जिदों में एक साथ शुरू होगी। जबकि खत्म शरीफ रमजान की अलग-अलग तारीखों में होगी। किस मस्जिद में कितने दिन में नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरान मुकम्मल होगा ये तय हो चुका है। इसके लिए मस्जिदों में हाफिजों ने तैयारियां पूरी कर लीं हैं। हाफिज रमजान चांद दिखने के बाद रात से नमाज-ए-तरावीह पढ़ना शुरू करेंगे। नमाज-ए-तरावीह में बीस रकत नमाज अदा की जाती है। इस दौरान हाफिज कुरान सुनाते हैं और रोजेदार बड़ी अकीदत के साथ सुनते हैं। बरकत और रहमत के इस महीने का पहला रोजा रविवार को रखा जाएगा।
चिलचलाती धूप, भीषण गर्मी और उमस से रोजदारों को बचाने के लिए मस्जिदों में एसी और कूलर की व्यवस्था की गई है। वहीं बिजली कटौती को देखते हुए रमजान भर के लिए जेनरेटर किराए पर लिए गए हैं। कई मस्जिदों में इस बार नए जेनरेटर खरीद कर लगवाए गए हैं।
बरकत और रहमत के महीने के लिए मुस्लिम समाज के लोगों ने बाजारों जमकर खरीदारी की। सबसे ज्यादा मांग फलों, शीतल पेयजल, शरबत, सूखे मेवों की है। बाजार में खजूर और सिवाइयों की जमकर खरीदारी हो रही है। वहीं हलवाईयों ने रमजान में दूध और दही की मांग बढ़ते देख दूध की आपूर्ति बढ़ा दी है। रोजा रखने के इच्छुक शुगर मरीज तली और भुनी वस्तुओं से परहेज कर रहे हैं।