किसान विरोधी बिल और प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर केंद्र, प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को बसपा कार्यकर्ताओं ने शक्ति प्रदर्शन दिखाते हुए शहर में जुलूस निकाला। शहर की सड़कें नीले झंडों से पटी दिखाई दीं। जुलूस के बाद बसपा पदाधिकारी कलक्ट्रेट पर एकत्रित जमा हुए और नारेबाजी की।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि बर्बाद हुए किसानों को राज्य सरकार ने न के बराबर चेक बांटे हैं। खुद को किसानाें की हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार में लगातार किसान आत्महत्या कर रहा है और इन्हें कोई चिंता ही नहीं है। पूर्व राज्यमंत्री राजवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार में विकास कम अपराध ज्यादा होते हैं। जलेसर में एक बेटी के साथ जो जघन्य अपराध हुआ है, हत्या के आरोपी जल्द ही नहीं पकड़े गए तो पार्टी आंदोलन करेगी। बसपा नेता गजेंद्र सिंह चौहान ने किसानों को एक बीघा फसल का पांच हजार रुपये मुआवजा दिलवाने, लेखपाल से भेदभाव न कर सही रिपोर्ट देने की मांग की।
जहीर अहमद ने मोदी सरकार को किसान विरोधी धर्म के नाम बांटने वाली सरकार बताया। सभा को बसपा जिलाध्यक्ष बलवीर भास्कर, मंडल कोआर्डिनेटर नूर मुहम्मद, भूप सिंह, नेम सिंह, ओमप्रकाश दलित आदि ने भी संबोधित करते हुए विपक्षी सरकारों पर प्रहार किए।
धरनास्थल पर मनोज सागर, अवधेश राव, यादराम, मदनलाल, महेश चंद्र, गजेंद्र बघेल, सुरेश चंद्र, सुभाष सागर, उत्साह भारद्वाज, अनुज चौहान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जलेसर कांड के आरोपियों को फांसी दो
धरनास्थल पर जलेसर क्षेत्र के लोग भी पहुंचे। जिन्हाेंने थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव लटकाने के आरोपियों को फांसी देने की मांग करते हुए जमकर नारे लगाए। साथ ही हाथों में नारे लिखी पट्टिका दिखाकर विरोध किया।
चारों विधानसभा के कार्यकर्ता रहे उपस्थित
चारों विधानसभा सदर, मारहरा, जलेसर, अलीगंज के कार्यकर्ता सुबह 10 बजे एकत्रित हुए और एक दिवसीय धरना में शामिल हुए। सदर के कार्यकर्ता रामलीला मैदान से, मारहरा के एटा क्लब, जलेसर के आगरा रोड पर एकत्रित हुए। वहां से जुलूस निकाला गया।