सीएमओ कार्यालय में निरीक्षण करते अपर निदेशक ।संवाद
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एटा। अपर निदेशक स्वास्थ्य अलीगढ़ डॉ. वीके सिंह के निरीक्षण में तमाम गड़बड़ियां पकड़ में आईं। एनएमएच (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) पटल की कैशबुक को परखा तो पता लगा कि खाते का संचालन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहा था। तमाम लेखा-जोशा कैशबुक में नहीं थे, यहां तक कि सीएमओ के हस्ताक्षर भी 2020 से नहीं पाए गए। 18 करोड़ रुपये की उधारी बताई गई।
शुक्रवार सुबह सीएमओ कार्यालय में अचानक अपर निदेशक स्वास्थ्य पहुंच गए। जिनको देखकर अधिकारी और कर्मचारी भी हतप्रभ रह गए। एनएचएम पटल की कैशबुक का काफी बारीकी से निरीक्षण किया। इसमें सामने आया कि 30 जून 2020 से सीएमओ के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। 31 मार्च 2021 और एक अप्रैल को कैशबुक पर दर्शाए गए बैलेंस में भी समानता नहीं मिली। इसको लेकर उन्होंने तमाम सवाल किए। 30 जून 2021 से सितंबर 2021 तक कैशबुक पर नियमित अद्यतन एवं सीएमओ के हस्ताक्षर नहीं मिले। जबकि 2022-23 में अब तक कैशबुक अपडेट नहीं मिली। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संजय कुमार से खाते का रखरखाव कराने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने एक के बाद एक पटलों का बारीकी से दस्तावेजों सहित निरीक्षण किया। सबसे पहले जिले में संचालित निजी क्लीनिक और अस्पतालों के नवीनीकरण व नए पंजीकरण की फाइलों को खंगाला। ऑनलाइन आवेदन की स्थिति देखी। अब तक पोर्टल पर कुल 178 पंजीकरण पाए गए और 32 आवेदन लंबित मिले। पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर तमाम संबंधित पटल बाबू को दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद मलेरिया, औषधि, स्थापना, पेंशन, संक्रामक रोग, एनयूएचएम और एनएचएम का निरीक्षण किया। इसके बाद सभागार में सभी पीएचसी व सीएचसी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की।