एटा। शहर में एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात पैदा होने लगे हैं। पड़ोसी जनपदों सहित देश भर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर चल रहे बवाल के बाद रिजर्व बैंक ने जिले में कैश वैन भेजने से इंकार कर दिया है, इसके चलते बड़े नोटों की किल्लत हो गई है, बैंक पेमेंट में छोटे नोट व्यापारियों को पकड़ा रही हैं, इससे उन्हें पेमेंट करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं एटीएम में भी कैश समाप्त हो जाने से उनके शटर गिरने लगे हैं।
पड़ोसी जिले अलीगढ़, फीरोजाबाद सहित लखनऊ और रामपुर में सीएए को लेकर प्रदर्शन और बवाल हो रहे हैं, रिजर्व बैंक नहीं चाहता कि इस बवाल में उसकी कैश वैन लुट जाए, कारण एक वैन में करोड़ों रुपये होते हैं, वहीं इस कैश की डिलीवरी करने वाली प्राइवेट कंपनी ने भी फिलहाल अपने हाथ खड़े कर दिए हैं, इससे जिले में नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
एटीएम में भी दो हजार का नोट नहीं-
शहर में सरकारी और निजी बैंकों के आधा सैकड़ा एटीएम हैं। इनमें दो हजार और पांच सौ के नोट निकलना बंद हो गए हैं। कचहरी रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक और जीटी रोड स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम में कैश समाप्त हो जाने पर यहां ताले लटका दिए गए। कई एटीएम के शटर खुले तो हैं पर उनमें कैश नहीं है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह बैंक हैं प्रभावित
भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, एटा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स आदि बैंकों में दो हजार की नई करेंसी नहीं आई है।
वर्तमान में जिले में बाईपास, जीटी रोड, जवाहर तापीय परियोजना, रेलवे का विस्तारीकरण, सीवर लाइन का निर्माण आदि काम चल रहे हैं, इनमें हर रोज लाखों-करोड़ों रुपये के पेमेंट होते हैं, बड़े नोट बैंक से न मिलने के कारण परियोजनाओं से जुड़े अफसर, ठेकेदार, फर्म, मजदूर, आढ़तिया आदि को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-आरबीआई की तरफ से दो हजार के नए नोट नहीं आ रहे हैं। लेकिन ग्राहकों को पैसा देने में किसी तरह की समस्या नहीं आ रही है।
-मुख्य प्रबंधक विवेक प्रकाश, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
यह बात सही है कि कैब को लेकर देश भर में बवाल चल रहा है, सुरक्षा के दृष्टिगत आरबीआई ने फिलहाल नगदी भेजने में असमर्थता जताई होगी, इसके कारण जिले की बैंकों में बड़े नोट नहीं पहुंच पा रहे हैं।
-अरविंद कुमार, रीजनल मैनेजर के नरा बैंक