एटा। होम लोन के मामले में एटा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ने एक बकाएदार की आरसी जारी करा दी। इसे गलत और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताते हुए कर्जदार ने मानवाधिकार न्यायालय में मुकदमा दायर किया है। अदालत ने डीएम, तहसीलदार संबंधित अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर तलब किया है।
मुकदमा दायर कर शहर के रेलवे रोड निवासी आलोक जैन ने बताया कि वह को-ऑपरेटिव बैंक में कर्मचारी रहे हैं। उस दौरान उन्होंने 7 लाख रुपये का होम लोन, ग्राहक लोन और कर्मचारी लोन लिया था। सेवा के दौरान इसका एक बड़ा हिस्सा चुका भी दिया।
उनके पीएफ, ग्रेच्युटी व अर्जित अवकाश की धनराशि बिना बताए दस्तावेज में हेराफेर कर निकाल ली गई और बताया गया कि बैंक ने इसका ऋण में समायोजन कर लिया है। इसके बाद बिना नोटिस आरसी जारी कर दी।
इसमें धनराशि बहुत ज्यादा दर्शायी गई है। साथ ही कृषि ऋण के तहत धन की वसूली विधि विरुद्ध है क्योंकि उनका ऋण कृषि ऋण नहीं था। अदालत ने मुकदमे को दर्ज करते हुए सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख तय की है।
डीएम, तहसीलदार सदर, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता, एटा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष-सचिव व प्रबंधक को तलब किया है।