एटा। दिवाली से पहले बाजारों में रौनक तो बढ़ी है लेकिन दुकानदारों की मनमानी भी चरम पर है। मिठाई की पैकिंग के नाम पर ग्राहक खुलेआम ठगे जा रहे हैं। 10 रुपये कीमत वाला गत्ते का डिब्बा मिठाई के साथ तोलकर 1200 रुपये किलो तक के भाव में बेचा जा रहा है।
शहर के प्रमुख बाजारों में मिठाई की कीमत 400 रुपये से लेकर 1200 रुपये प्रति किलो तक है। अधिकांश दुकानदार मिठाई तौलते समय गत्ते का डिब्बा भी उसी तराजू पर रख देते हैं। ड्राई फ्रूट्स और मावे की मिठाइयों के साथ भी यही खेल चल रहा है। नियमों के अनुसार दुकानदार डिब्बे की कीमत अलग से वसूल सकते हैं, लेकिन मिठाई के वजन में उसे शामिल नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद दुकानदार बेखौफ होकर ऐसा कर रहे हैं वहीं जिम्मेदार विभागों की चुप्पी इस लूट को बढ़ावा दे रही है।
बस स्टैंड, रेलवे रोड, घंटाघर सहित शहर के तमाम बाजारों में यह आम दृश्य देखने को मिल रहा है। दुकानों पर मिठाई तौलने के लिए रखे गत्ते के डिब्बे ग्राहक के हिस्से में बढ़ा हुआ वजन जोड़ देते हैं।
ग्राहकों की राय
दिवाली से लेकर दूज तक मिठाइयों की अधिक मांग रहती है। लोग 20 से 30 पैकेट तक मिठाई खरीदते हैं। ऐसे में दुकानदार मिठाइयों के साथ गत्ता तौल देते हैं। बांट-माप विभाग को तत्काल जांच करनी चाहिए। - कृपाल राजपूत, नगला भोजी
दुकानदार अपनी मनमानी करते है। मिठाइयों के वजन के साथ गत्ते का वजन भी मिठाई में जोड़ देते हैं। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ग्राहकों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए। - देवेंद्र कुमार, निवासी मयूर विहार
मिठाई की दुकानों पर गत्ते का वजन अलग से मापा जाना चाहिए। अगर किसी भी दुकान पर मिठाई के साथ गत्ता तौला जा रहा है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित दुकानदारों की जांच कराई जाएगी। - ललित त्रिपाठी, विधिक माप विज्ञान अधिकारी
देवेंद्र कुमार
देवेंद्र कुमार