कैंडल मार्च निकालते विद्युत निगम के कर्मचारी।
- फोटो : कैंडल मार्च निकालते विद्युत निगम के कर्मचारी।
एटा। निगम के कर्मी निजीकरण का विरोध लगातार कर रहे हैं। शुक्रवार को कर्मियों ने दिन में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। शाम को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इसके बाद कैंडल मार्च निकाल निजीकरण मुर्दाबाद के नारे लगाए।
दक्षिणांचल विद्युत निगम का निजीकरण करने की बात कही जा रही है। जबकि कर्मियों का कहना है निजीकरण उपभोक्ताओं से लेकर कर्मियों तक के लिए सही नहीं है। निगम के कार्यों पर कर्मी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। अब निगम को निजीकरण करने की बात की जाने लगी। यह उपभोक्ताओं के लिए भी सही नहीं है। कर्मियों को तो दिक्कत होगी ही उपभोक्ता भी निजीकरण में परेशान रहेंगे।
शुक्रवार की शाम को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एकत्र हुए। उन्होंने निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद कार्यालय से कैंडल मार्च शुरू किया। मार्च अरुणा नगर में पूर्व सांसद के आवास तक गया। इसके बाद रेलवे रोड होते हुए अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आकर इसे खत्म किया गया।