एटा। शहर में बनने वाले दूसरे बाईपास की आस में जनता का धैर्य जवाब दे चुका है। बाईपास बनाने के लिए जमीन की पैमाइश भी की जा चुकी है लेकिन बजट पास न होने से वर्षों से बाईपास का प्रस्ताव सिर्फ पन्नों में कैद है।
एनएच-34 पर सुन्ना नहर से शुरू होकर निधौली रोड, आगरा रोड, शिकोहाबाद रोड और सकीट रोड को जोड़ते हुए हाईवे पर गांव छछैना से मिलेगा। इसकी लंबाई लगभग 26 किमी होगी। योजना बनने के बाद दो बार बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति ऐसी हो जाती है कि एंबुलेंस तक घंटों फंसी रहती हैं और ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था भी बेअसर हो जाती है। शहरवासी इस समस्या से बेहद परेशान हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बाईपास के बनने से आगरा और शिकोहाबाद जाने वाले वाहनों को अब शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे जाम से राहत तो मिलेगी।
इन गांवों से होकर गुजरेगा बाईपास
लगभग 26 किमी लंबा और सात मीटर चौड़ा बाईपास अलीगढ़ की ओर हाईवे पर सुन्ना नहर से शुरू होकर एलजीसी पटरी, जाबड़ा चौकी, निधौली खुर्द, सरदलगढ़ होते हुए फिर गांव छछैना के पास हाईवे पर मिल जाएगा।
बार-बार बदला एस्टीमेट
इस बाईपास के निर्माण के लिए भेजे गए प्रस्ताव का बार-बार स्टीमेट बदला गया। जून 2024 में 188 करोड़ रुपये और फिर इसी वर्ष अगस्त में 162.13 करोड़ रुपये से बाईपास के निर्माण की बात कही जा चुकी है।
बाईपास बनने से ये होगा लाभ
जिला मुख्यालय पर नए बाईपास के निर्माण से टूंडला, आगरा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद और जलेसर जाने वाले लोगों को काफी लाभ होगा। इन मार्गों पर जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर नहीं आना पड़ेगा। इससे शहर में जाम नहीं लगेगा। साथ ही बाईपास के आसपास के क्षेत्रों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
वर्जन-
बाईपास निर्माण के लिए दो बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अभी तक बजट पास नहीं हो सका है। लगभग 26.4 किमी लंबे और 7 मीटर चौड़े बनने वाले बाईपास के लिए जमीन की नाप-तौैल भी की जा चुकी है। बजट पास होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
ललित कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता