एटा। रोडवेज के रंग से मिलती-जुलती बस सोमवार को रोडवेज बस स्टैंड के पास से भरी जा रही थी। 16 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बस को पकड़कर यातायात प्रभारी ने चालान किया तो एआरटीओ ने इसको सीज कर दिया।
यातायात प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि लगातार कार्रवाई के बाद भी कुछ बसों के चालक आदतों से बाज नहीं आ रहे। यह लोग स्टैंड के सामने रोडवेज के बीच में अपनी गाड़ी खड़ी कर यात्रियों को बिठा लेते हैं। रोडवेज के रंग से मिलती-जुलती बस होने की वजह से यात्री धोखा खा जाते हैं। शासन की निर्देशानुसार स्टैंड पर एक बोर्ड भी लगाया गया है जिस पर साफ लिखा है कि 1 किलोमीटर की एरिया में किसी भी प्रकार की निजी या डग्गामार बस खड़ा करना मना है।
सोमवार को लगभग 16 किलोमीटर तक उस बस का पीछा किया और कस्बा सकीट पहुंचकर 50000 रुपये का चालान किया गया। इसके बाद सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बस को सीज कर दिया। बताया कि इस प्रकार की डग्गामारी या निजी बसों को स्टैंड के आसपास खड़ा करके भरा जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।