बौद्ध धम्म दीक्षा दिवस कार्यक्रम ग्राम पवसरा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बौद्ध धर्म के संबंध में जानकारी दी। बौद्ध धम्म दीक्षा दिवस अशोक विजय दशमी के रूप में मनाया गया।
मुख्य वक्ता समाज सेविका नवलेश बौद्ध ने कहा कि सम्राट अशोक ने कलिंग पर जब चढ़ाई की तो काफी जनहानि हुई। इस जनहानि ने उनके हृदय को काफी द्रवित कर दिया। उन्होंने युद्ध समाप्त करने के साथ ही 10 वें दिन बौद्ध धर्म को अपना लिया। धर्म का व्यापक प्रचार प्रसार कराया।
अपने पुत्र व पुत्री को कई देशों में भेजा। तमाम लोग इस धर्म को मानने के लिए आगे आए और यह धर्म स्वीकार कर लिया। बौद्ध केे बताए मार्ग पर चलकर ही संसार में शांति की स्थापना हो सकती है।
टीईटी बेरोजगार संघ के जिला अध्यक्ष ब्रजेश कुमार सगर ने कहा शिक्षा से ही समाज का उद्धार संभव है। ज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान होता है।
अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। जिससे उनके भविष्य का निर्धारण हो सके। समाज के शिक्षित होने से देश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं। मुख्य अतिथि अयोध्या प्रसाद ने कहा कि बौद्ध धर्म के सार को हम सभी को समझना होगा।
कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी अशोक शाक्य ने कहा कि समाज बंधु एकजुट होकर कार्य करें। कार्यक्रम का संचालन डा. सत्यदेव कुशवाह ने किया।
इस दौरान अनवर सिंह बौद्ध, कुवेर सिंह लोधी, अजय भारती, अनिल कुमार, रामदास विजय, हरिओम एडवोकेट, राजेंद्र भारती एडवोकेट, डीसी मोर्य, कमल कुमार बौद्ध, बालक राम शाक्य, चरन सिंह कुशवाह, आकाश कुशवाह, किशनवीर आदि मौजूद रहे।