बसपा रैली में पैर गंवाया, मदद मिली नहीं
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राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को पार्टी और नेताओं के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ती है। इसका किसी को अनुमान नहीं है। जिले में बहुजन समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता लखनऊ की रैली में हिस्सा लेने गया था। बस दुर्घटनागस्त हो गई और उसे पैर गवाना पड़ा। विधायक से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। उसे इलाज के लिए अपनी जमीन बेचनी पड़ी।
युवक प्रताप सिंह नगला मेड़ बसपा के अमांपुर क्षेत्र के विधायक ममतेश शाक्य के आव्हान पर गांव के ही अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पिछले साल पांच दिसबंर को लखनऊ में आयोजित हुई बसपा रैली में हिस्सा लेने गया था। छह दिसबंर को लखनऊ से आते समय मुरादाबाद इलाके में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में प्रताप सिंह बुरी तरह से घायल हो गया। प्रताप सिंह को गंभीर अवस्था में चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सा के इलाज से कोई फायदा नहीं हुआ। उसका पैर बुरी तरह जख्मी था। इलाज के दौरान उसका दाहिना पैर घुटने के ऊपर से काटा गया। काफी लंबा इलाज चला। इस इलाज में न पार्टी से और न विधायक से कोई मदद मिली। मजबूरन चार बीघा जमीन भी इलाज के लिए कार्यकर्ता को बेचनी पड़ गई। आज भी युवक का इलाज चल रहा है युवक ने बताया कि कई बार विधायक से मदद की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई अभी तक नहीं हो पाई है। चुनावी तैयारियों में जुटे विधायक कुछ समय पहले गांव में पहुंचे तो प्रताप की मां ने फिर से उनसे मदद मांगी लेकिन फिर भी विधायक का दिल नहीं पसीजा।