फसलों के लिए वरदान साबित हुई बारिश
किसानों का कहना है कि धान की नर्सरी में यह बारिश अमृत के समान है। मक्का की फसल कट चुकी है और मूंग की फसल में जहां फलियां पक चुकी हैं। ऐसी फसल के लिए बारिश कुछ नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसके अलावा खाली खेतों, ज्वार, बाजरा व अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक है।
उधर, बरसात शुरू होने के कुछ समय बाद ही शहर के गांधी मार्केट, कचहरी, मेहता पार्क, घंटाघर रोड, रैवाड़ी मोहल्ला आदि इलाकों की बिजली गुल हो गई। दिन में कई बार कटौती हुई। जैथरा में पूरे ही दिन बिजली नहीं मिली। जबकि अवागढ़ में दोपहर 12 बजे से पांच घंटे की घटौती हुई। अन्य देहात क्षेत्रों का भी यही हाल रहा।
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यहां भी हुआ जलभराव
अलीगंज-जलेसर-अवागढ़-मारहरा-मिरहची कस्बों में नालियों की सफाई न होने की वजह से जलभराव हो गया। नालियों की गंदगी सड़क पर जमा हो गई। जिसकी वजह से लोगों को रास्ते से निकलने में काफी परेशानी हुई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्ण प्रताप सरल ने बताया कि नई कॉलोनी की वजह से पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। नए नाले के निर्माण के बाद ही जलभराव की समस्या का समाधान हो सकेगा। जलेसर में सुबह से शाम तक बरसात हुई। इस दौरान दिन भर बिजली आपूर्ति बाधित रही।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि बरसात के साथ किसानों के लिए सोना बरस रहा है। इस बरसात से धान, बाजरा, ज्वार आदि की फसलों को काफी फायदा होगा।
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