कस्बा के समीप गांव कसौलिया में पुराना तालाब है। नगर पंचायत जैथरा ने लाखों रुपये खर्च कर जल निकासी के लिए पक्के तालाब का निर्माण कराया। मगर, दंबगों ने शनिवार की देर रात बाउंड्री खड़ी कर अवैध कब्जा कर लिया। रविवार की सुबह दीवार को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। एकजुट होकर लोगों ने अवैध कब्जे को ध्वस्त दिया। ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर दबंगों की शिकायत तहसील दिवस में डीएम से करने का फैसला लिया है।
कसौलिया गांव के तालाब पर रसूखदारों ने शनिवार की रात को मिट्टी डालकर बाउंड्री बनाकर कब्जा कर लिया। रविवार सुबह जब ग्रामीणों देखा तो हैरत में पड़ गए। कब्जे की खबर गांव में फैल गई। थोड़ी ही देर में ग्रामीण लामबंद होकर तालाब पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने वहां काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया और बाउंड्रीवाल ध्वस्त करके तालाब को कब्जे से मुक्त करा लिया। ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर मामले की शिकायत डीएम और तहसील दिवस में दर्ज कराने फैसला किया है।
पंचायत करने वालों मे प्रेम सिंह शाक्य, मनोज दिवाकर, शिवकुमार, अमर सिंह, सहदेव, नीरज, बंटी, मुकेश, सोनू गुप्ता, राम लड़ैते, अरुण, सीटू समेत अनेक शामिल पंचायत मे शामिल रहे। ग्राम प्रधान भूपसिंह वर्मा का कहना है कि गांव में तालाब दशकों पुराना है। किसी को भी कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। यदि तालाब के किनारे प्लाट है तो राजस्व विभाग से पैमाइश कराकर भूमि पर काबिज हो सकता है। तालाब अवैध कब्जे से मुक्त कराने को ग्राम पंचायत पहल करेगी।