सुभाष चंद्र बोस जयंती पर केंद्र सरकार भले की नेताजी से जुड़ी सीक्रेट फाइलों का खुलासा कर रही है, लेकिन नेताजी की मौत पर उनके समर्थकों की राय अलग है। आजाद हिंद फौज के समर्थक एवं फारवर्ड ब्लॉक के सदस्य बुजुर्ग अधिवक्ता नेत्रपाल शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत विमान दुर्घटना में होने बात को महज अफवाह करार दिया है। शर्मा का दावा है कि नेताजी पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के निधन पर साधू के वेश में उनके शव के पास बैठे देखे गए थे। बुजुर्ग अधिवक्ता ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान उन्होेंने प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी को पत्र लिख कर पूछा था कि नेहरू के शव के पास बैठा साधू कौन था का जवाब नहीं मिला है। शर्मा ने साधू को नेताजी सुभाष चंद्र बोस बताया है।
फारवर्ड ब्लॉक के सदस्य एवं आजाद हिंद फौज के समर्थक बुजुर्ग अधिवक्ता नेत्रपाल शर्मा ने कहा है कि वह नहीं मानते कि 18 अगस्त1945 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत विमान दुर्घटना में हुई थी। उन्होंने कहा कि नेताजी के हाथ पंडित जवाहरलाल नेहरू की पर्सनल डायरी और घड़ी लग गई थी। शर्मा का दावा है कि उन्होंने इमरजेंसी के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लिखे पत्र में 27 मई, 1964 को नेहरू के शव के पास बैठे साधू की पहचान बताने और नेताजी के पास मौजूद नेहरूजी की निजी डायरी और घड़ी मिलने या नहीं मिलने के खुलासे की मांग की थी, लेकिन आज तक तक उन प्रशभनों के जवाब नहीं मिले। आजाद हिंद फौज के समर्थक ने कहा कि जापान से निकल कर नेताजी मंचूरिया में जा छिपे थे। शर्मा का दावा है कि रूस से छह महीने बाद नेताजी चीन चले गए थे। उन्होंने कहा कि नेताजी की मौत का राज जानने के लिए बने जस्टिस मुखर्जी आयोग के सदस्य विमान दुर्घटना वाले स्थान पर गए थे, लेकिन उन्हें वहां किसी दुर्घटना के सबूत नहीं मिले।