मंडी में बने क्रय केंद्र पर किसान से खरीदा जा रहा गेहूं। संवाद
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एटा। जिले में गेहूं खरीद के लिए एक अप्रैल को 72 सरकारी क्रय केंद्र खोल दिए गए थे। इस दौरान 6 दिन तक क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हुई। सातवें दिन बृहस्पतिवार की शाम मंडी स्थित खाद्य निगम के केंद्र पर बोहनी हुई, 24 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। पहले विक्रेता किसान का केंद्र पर माला पहनाकर स्वागत किया गया।
सरकारी समर्थन मूल्य से अधिक दाम मंडी की निजी आढ़तों पर चल रहा है। ऐसे में किसान क्रय केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। शासन के निर्देश पर एक अप्रैल को ही जिले में गेहूं खरीद के लिए 72 क्रय केंद्र खोल दिए गए थे, लेकिन किसान इन केंद्रों पर गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे थे। इसी के चलते अधिकारियों द्वारा किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा था। बृहस्पतिवार की शाम भारतीय खाद्य निगम के क्रय केंद्र पर किसान वेद प्रकाश गेहूं लेकर पहुंचे। इस दौरान माला पहनाकर किसान का केंद्र पर स्वागत किया गया। वहीं उनसे 24 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी नंदकिशोर मौजूद रहे।
170 किसानों ने कराया पंजीकरण
क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना जरूरी है। इसी के तहत जिले में अब तक 170 किसानों ने ही पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। पोर्टल पर पंजीकरण की रफ्तार धीमी है। वहीं जिले को इस बार गेहूं खरीद में 76 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला है। जबकि मंडी में क्रय केंद्रों से अधिक दामों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। ऐसे में जिले के अधिकारियों के लिए लक्ष्य पूरा करना चुनौती होगी।