जिले के अधिकांश संस्थानों एवं विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था नहीं है। बैंकों में जरूर ‘बायोमैट्रिक लॉगिन’ का सहारा लिया जा रहा है।
दशकों बाद भी जनपद के किसी सरकारी या गैर सरकारी विभाग में बायोमैट्रिक सिस्टम लागू नहीं किया गया है। अधिकारियों-कर्मचारियों की सही-नियमित एवं पारदर्शी व्यवस्था नहीं हो पाती और वे मनमाने तरीके से गायब रहते हैं। शिक्षा विभाग में तो आए दिन ऐसा होता है। अधिकारियों के औचक निरीक्षण में भी इसकी पुष्टि हो रही है। बावजूद इसके यहां यह सिस्टम लागू नहीं हो पा रहा। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बायोमैट्रिक सिस्टम लगाने के उन्हें कोई विभागीय आदेश उन्हें नहीं मिले हैं।
ये है बायोमैट्रिक लॉगिन
एटा। बैंकों में संबंधित लिपिक, कैशियर एवं अधिकारियों के लिए बायोमैट्रिक लॉगिन की बाध्यता लागू कर दी गई है। इससे जहां उनकी उपस्थिति की पुष्टि होती है, वहीं गोपनीयता की भी जिम्मेदारी रहती है। इसके अनुसार संबंधित व्यक्ति कंप्यूटर खोलने के लिए बायोमैट्रिक लॉगिन का सहारा लेता है। इसे ‘बायोमैट्रिक पासवर्ड’ भी कहा जा सकता है।
केनरा बैंक में एक जुलाई से बायोमैट्रिक लागिन की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके अनुसार संबंधित कंप्यूटर इसके टैली करने के बाद भी खुलेगा। इससे उपस्थिति का प्रमाण भी रहता है।
- संदीप सक्सेना, मुख्य प्रबंधक, केनरा बैंक मुख्य शाखा, एटा
बैंक अधिकारी एवं स्टाफ के लिए बायोमैट्रिक लॉगिन की बाध्यता है। नियमानुसार इसका पालन किया जा रहा है।
- चंदन कुमार, शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक अरुणा नगर शाखा, एटा