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कैंसरः उपचार तो दूर जांच की सुविधा भी नहीं

Mon, 02 Feb 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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18 लाख की आबादी वाले जिले में जानलेवा बीमारी कैंसर के उपचार का कोई इंतजाम नहीं है। इलाज तो दूर यहां जांच तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को आगरा, दिल्ली व मुंबई आदि के अस्पतालों में जाना पड़ता है।
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असावधानी कहें या जागरूकता का अभाव। जनपद में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। महिलाओं में जहां गर्भाशय कैंसर की शिकायतें रहती हैं, वहीं पुरुषों में माउथ कैंसर का प्रकोप सर्वाधिक है।


चिकित्सीय सेवाओं के अभाव के चलते लोग काल के गाल में समा रहे हैं। महीनों तो लोगों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें परेशानी क्या है। वहीं स्थानीय चिकित्सक भी महीनों उपचार के बाद कैंसर के बारे में पता नहीं कर पाते। परेशानी से निजात न मिलने पर मरीज अन्य शहरों में जाते हैं। वहां इसके बारे में पता चलता है। अन्य जांच के बाद इसकी पुष्टि होती है तब तक देर हो चुकी होती है।
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तंबाकू, गुटखा आदि के शौकीन युवा माउथ कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। समय रहते उपचार न होने के चलते दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। मुंह में तंबाकू, सुपारी आदि दबाने से आने वाला ‘क्रोनिक इरीटेशन’ स्थायी दाब जानलेवा कैंसर का रूप ले लेता है। जांच और उपचार आदि की व्यवस्था न होने के चलते कैंसर प्रभावितों का सही ब्यौरा विभाग के पास नहीं है।


जिला अस्पताल में कैंसर जांच और उपचार की कोई सुविधा नहीं है। न ही कोई विशेषज्ञ चिकित्सक है। संभावित मरीजों को सैफई, अलीगढ़ एवं आगरा के लिए रेफर कर दिया जाता है। तंबाकू बहुल क्षेत्र होने के चलते ओरल कैंसर की शिकायतें बढ़ रही हैं।
- डॉ. आरएस शुक्ला, सीएमएस, जिला अस्पताल


आशंका होने पर ही कैंसर की जांच करानी चाहिए। सही समय एवं नियमित उपचार से कैंसर का सफल उपचार संभव है। कैंसरग्रस्त लोग नियिमत उपचार से दशकों जीवित रह सकते हैं। निकटवर्ती क्षेत्र सैफई, अलीगढ़, आगरा एवं दिल्ली में प्रभावी उपचार की व्यवस्था है।
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- डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
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